दुश्मन के हर संभावित हमले के लिए सेना तैयार, विशेष बल मैदान में उतरेंगे: ईरान
ईरान की थल सेना के कमांडर ने दुश्मनों की ओर से पैदा होने वाले हर संभावित परिदृश्य से निपटने के लिए सेना की तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा है कि विशेष बल मैदान में उतरेंगे। ईरान की इस्लामी गणराज्य सेना (आर्टेश) की थल सेना के कमांडर, ब्रिगेडियर जनरल अली जहानशाही ने देश के पश्चिमी हिस्से की सीमा इकाइयों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ईरान की सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के रणनीतिक महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ईरान की थल सेना की इकाइयाँ इस्लामी गणराज्य की स्वतंत्रता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए देश की सभी सीमाओं पर तैनात हैं और पूरी तैयारी के साथ किसी भी प्रकार के जमीनी खतरे, आक्रमण या अतिक्रमण का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।
संभावित ख़तरों से निपटने के लिए विशेष बल तैयार
थल सेना के कमांडर ने कहा कि ईरान की सीमाओं की सुरक्षा थल सेना के मूल और स्थायी मिशनों में से एक है। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर सशस्त्र बलों की मजबूत और सतर्क मौजूदगी जनता की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करने तथा देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस दिशा में युद्धक तैयारी बनाए रखना और लगातार सतर्क रहना बेहद आवश्यक है।
ब्रिगेडियर जनरल जहानशाही ने मौजूदा परिस्थितियों में थल सेना की इकाइयों के मिशन को “संवेदनशील और गंभीर” बताते हुए जोर दिया कि थल सेना की इकाइयाँ अपने सौंपे गए कार्यों को पूरा करने के साथ-साथ घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रही हैं और अपनी व्यापक तैयारियों को बनाए रखते हुए किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए तत्पर हैं।
उन्होंने अपने बयान के एक अन्य हिस्से में ईरानी थल सेना की विशेष बल ब्रिगेडों के महत्व और “विभिन्न प्रकार के खतरों तथा परिचालन परिस्थितियों के अनुरूप विशेष बल इकाइयों की युद्धक तैयारी को लगातार बनाए रखने और बढ़ाने” की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि थल सेना के विशेष बलों की इकाइयों के मिशन त्वरित प्रतिक्रिया, उच्च गतिशीलता, अभियानों को अंजाम देने की क्षमता और विभिन्न परिचालन परिस्थितियों में तत्काल तैनाती के लिए तैयार रहने पर आधारित हैं।
ब्रिगेडियर जनरल जहानशाही ने “युद्धक क्षमता में लगातार वृद्धि” और “इकाइयों की तैयारी बढ़ाने” को थल सेना की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने रक्षा उद्योग, ज्ञान-आधारित कंपनियों, विशेषज्ञों और आत्मनिर्भरता के लिए काम करने वाले संस्थानों की क्षमताओं का उपयोग करके रक्षा क्षमताओं को विकसित और मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने विशेष प्रशिक्षण जारी रखने और इकाइयों की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि युद्धक तैयारी लगातार, वास्तविक और मिशन के प्रकार के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों को सौंपे गए मिशनों को पूरा करने के लिए हमेशा उच्चतम स्तर की तैयारी की स्थिति में रहना चाहिए।
आने वाली पीढ़ी तक बलिदान और शहादत की संस्कृति पहुंचाने की ज़रूरत
ब्रिगेडियर जनरल जहानशाही ने सीमा क्षेत्र में स्थित पाज़ूकी चौकी का भी दौरा किया, जो नफ्तशहर क्षेत्र में है। वहां उन्होंने 71वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री ब्रिगेड अबूज़र के शहीदों के स्मारक का उद्घाटन किया।
इस स्मारक के उद्घाटन समारोह में थल सेना के कमांडर ने नई पीढ़ी के सामने शहीदों के जीवन और योगदान को अधिक से अधिक तथा बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि शहीद इस्लामी क्रांति की अनमोल पूंजी और दृढ़ता, दूरदर्शिता तथा बलिदान के वास्तविक आदर्श हैं। उनकी जीवनशैली और आदर्शों से युवा पीढ़ी को परिचित कराना एक ऐसी जिम्मेदारी है, जिसे गंभीरता से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज ईरान की सुरक्षा, शांति और शक्ति उन शहीदों के पवित्र रक्त तथा उन योद्धाओं के बलिदान का परिणाम है, जिन्होंने इतिहास के सबसे संवेदनशील दौर में बहादुरी के साथ मातृभूमि की रक्षा के लिए खुद को समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि शहीदों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर ईरान की स्वतंत्रता, क्षेत्रीय अखंडता और सम्मान की रक्षा की। आज हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस अनमोल विरासत की रक्षा करें और बलिदान तथा शहादत की संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।
अंत में, ब्रिगेडियर जनरल जहानशाही ने सीमा पर तैनात सैन्य इकाइयों के कर्मचारियों के चौबीसों घंटे किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ईरान की थल सेना के बहादुर जवान अपने विश्वास, ज्ञान, अनुभव और युद्धक क्षमताओं के बल पर जुझारू, क्रांतिकारी और जिम्मेदार भावना के साथ देश की सीमाओं पर डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी ईरान की इस्लामी गणराज्य की सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए उनकी मौजूदगी और बचाव की आवश्यकता होगी, वे अपनी पूरी क्षमता के साथ मैदान में उतरेंगे।


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