ईरान के चीफ़ जस्टिस एज़ेई, ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत रवाना

ईरान के चीफ़ जस्टिस एज़ेई, ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत रवाना

ईरान के मुख्य न्यायाधीश मोहसनी एज़ेई एक उच्चस्तरीय न्यायिक एवं कानूनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए ब्रिक्स सदस्य देशों के न्यायिक प्रमुखों की बैठक में भाग लेने के लिए भारत की राजधानी दिल्ली के लिए रवाना हुए। मोहसनी एज़ेई ने कहा कि दिल्ली की यह यात्रा भारत के सर्वोच्च न्यायिक अधिकारी के आधिकारिक निमंत्रण पर ब्रिक्स की बैठक में भाग लेने के लिए हो रही है।

आईएसएनए की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के इस्लामी गणराज्य के मुख्य न्यायाधीश ग़ुलाम हुसैन मोहसनी एज़ेई ने भारत के लिए रवाना होने से पहले तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में न्यायपालिका प्रमुख ने ब्रिक्स सम्मेलन में उच्चस्तरीय न्यायिक प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा:
“यह यात्रा भारत के सर्वोच्च न्यायिक अधिकारी के आधिकारिक निमंत्रण पर ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए हो रही है। इस सम्मेलन का मुख्य विषय वैश्विक व्यापार से संबंधित मुद्दे हैं, हालांकि सम्मेलन के इतर कई अन्य विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।”

न्यायपालिका प्रमुख ने कहा कि इस यात्रा के दौरान वह ईरान के साहसी और जागरूक लोगों की आवाज़ दुनिया तक पहुँचाने का प्रयास करेंगे, जिन्होंने 180 से अधिक रातों से साहस, दृढ़ता और आस्था के साथ सड़कों और चौराहों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि ये लोग साम्राज्यवाद-विरोध और आक्रमणकारियों के प्रतिरोध में दुनिया के लोगों के लिए एक मिसाल हैं।

मोहसनी एजेई ने कहा कि एक वर्ष से भी कम समय के भीतर ईरानी जनता पर अमेरिका और इस्राईल की ओर से दो युद्ध थोपे जाने तथा ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ अमेरिका के लगातार जारी अपराधों को देखते हुए, उच्चस्तरीय न्यायिक प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा के कार्यक्रमों और उद्देश्यों में अमेरिका और इस्राईल द्वारा ईरानी जनता के ख़िलाफ़ किए गए अपराधों और आक्रमणों को स्पष्ट रूप से सामने रखना भी शामिल है।

ईरान युद्ध के मैदान में विजयी रहा है

उन्होंने कहा कि मित्र और शत्रु, यहां तक कि स्वयं अमेरिकी भी यह स्वीकार करते हैं कि इन दोनों युद्धों में वे अपने किसी भी अवैध उद्देश्य को हासिल नहीं कर सके और इस्लामी गणराज्य ईरान युद्ध के मैदान में विजयी रहा है। न्यायपालिका प्रमुख ने आगे कहा कि दुनिया परिवर्तन के दौर से गुज़र रही है और प्रभुत्ववादी व्यवस्था पतन की ओर बढ़ रही है। इसलिए स्वतंत्र देशों को इन वैश्विक परिवर्तनों में प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया साम्राज्यवादी और प्रभुत्ववादी शक्तियों के एकतरफा वर्चस्व से बाहर निकल रही है और इस प्रक्रिया में ब्रिक्स के सदस्य देश प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।

ईरान और भारत, प्राचीन सभ्यता और संस्कृति वाले देश हैं

ईरानी चीफ़ जस्टिस ने कहा कि, ईरान और भारत दोनों प्राचीन सभ्यता और संस्कृति वाले देश हैं तथा दोनों के बीच कुछ सांस्कृतिक और सभ्यतागत समानताएं भी हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश वैश्विक परिवर्तनों और एकध्रुवीयता से बाहर निकलने की प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभा सकते हैं और एक-दूसरे के साथ सहयोग एवं समन्वय कर सकते हैं।

ईरान के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि भारत की जनता और वहां के धार्मिक विद्वानों ने हमारे शहीद सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई की स्मृति के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ी और इस अवसर पर बड़े उत्साह तथा जागरूकता के साथ व्यापक रैलियां आयोजित कीं।

उन्होंने कहा कि,

विभिन्न धर्मों और संप्रदायों से जुड़े भारत के बड़े धार्मिक विद्वानों ने हमारे शहीद सुप्रीम लीडर की स्मृति को सम्मानित करने के लिए दसियों हजार भाषण, साक्षात्कार और लेख प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि ईरान इस संबंध में भारत की जनता और धार्मिक विद्वानों का आभारी है और मौजूदा यात्रा के दौरान उनका यह आभार भी व्यक्त किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि ब्रिक्स सदस्य देशों के न्यायिक प्रमुखों की बैठक के उद्घाटन और समापन समारोहों में भाग लेना और भाषण देना, सदस्य देशों के न्यायिक अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करना तथा ब्रिक्स के विशेष न्यायिक कार्यसमूहों और पैनलों में भाग लेना, ईरान के मुख्य न्यायाधीश और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल हैं।

ब्रिक्स के सदस्य देशों के बीच न्यायिक सहयोग और पारस्परिक कानूनी सहायता का विस्तार एवं विकास, पश्चिमी न्यायिक वर्चस्व को समाप्त करने के उद्देश्य से सहयोग बढ़ाना, आर्थिक आतंकवाद और अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों का मुकाबला करना, तथा सीमा-पार संगठित अपराधों से निपटने के लिए आपसी सहयोग और समन्वय बढ़ाना—ब्रिक्स के सदस्य देशों की न्यायिक बैठकों के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं।

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