ब्रिक्स: क्षेत्र में अमेरिका की मौजूदगी शांति नहीं, रक्तपात का कारण है: पेज़ेश्कियान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अमेरिका पर मुस्लिम और मित्रवत देशों के बीच तनाव पैदा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ईरान को अपने मुस्लिम पड़ोसी देशों के साथ कोई समस्या नहीं है, लेकिन अमेरिका चाहता है कि भाईचारे वाले देश एक-दूसरे के दुश्मन बन जाएं। पेज़ेश्कियान ने यह बात भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ मुलाकात के दौरान कही।
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि क्षेत्र में अस्थिरता और संघर्ष के पीछे अमेरिका और यूरोप का वर्चस्ववादी रवैया तथा इस्राईल द्वारा किए जा रहे अपराध प्रमुख कारण हैं। उनके मुताबिक, पश्चिमी शक्तियां इस क्षेत्र में स्वतंत्र देशों के अस्तित्व को स्वीकार नहीं करना चाहतीं। उन्होंने पड़ोसी और मुस्लिम देशों के साथ मजबूत संबंधों को ईरान की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि तेहरान इन रिश्तों को तर्कसंगत और मजबूत तरीके से लगातार आगे बढ़ाता रहेगा।
हाल में अमेरिका और इस्राईल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों का जिक्र करते हुए पेज़ेश्कियान ने कहा कि उनके देश पर बिना किसी उचित कारण के हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में ईरान के नेता, बच्चों, सैन्य कमांडरों और वैज्ञानिकों की जान गई। पड़ोसी देशों से किए गए हमलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान के पास देश की रक्षा करने और उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, जिनका इस्तेमाल हमलों के लिए किया गया।
हमें क्षेत्र में किसी चौकीदार की जरूरत नहीं
हालांकि, पेज़ेश्कियान ने स्पष्ट किया कि ईरान युद्ध या युद्ध को जारी रखने की इच्छा नहीं रखता। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए किसी विदेशी शक्ति या बाहरी “चौकीदार” की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा की जिम्मेदारी क्षेत्र के देशों की अपनी होनी चाहिए।
मलेशिया के प्रधानमंत्री ने अमेरिका और इस्राईल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी ईरान पर अमेरिका और इस्राईल के हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मलेशिया ने शुरुआत से ही अपनी स्थिति स्पष्ट की है और उसकी संसद ने ईरान के खिलाफ हुई आक्रामकता की निंदा की थी। अनवर ने ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति समर्थन जताते हुए ईरानी सरकार और जनता के प्रतिरोध की प्रशंसा की।
उन्होंने ईरान और मलेशिया के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पेज़ेश्कियान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने तेहरान और नई दिल्ली के बीच सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा जताई।
इसके अलावा, पेज़ेश्कियान ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अमेरिका की मौजूदगी शांति और राहत के बजाय रक्तपात का कारण बनी है। पेज़ेश्कियान ने ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक और वित्तीय सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। अबी अहमद ने ईरानी जनता के प्रतिरोध, दृढ़ता और देशभक्ति की प्रशंसा की और कहा कि इथियोपिया के लोग इससे सीखना चाहते हैं। उन्होंने ईरान के साथ सात दशकों से अधिक पुराने संबंधों को भी रेखांकित किया।


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