होर्मुज़ पर हमारा पूर्ण नियंत्रण; बढ़ती ईंधन क़ीमतों के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार: ईरान
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दावा किया है कि, होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान का पूर्ण नियंत्रण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में समुद्री असुरक्षा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका ज़िम्मेदार है और वैश्विक स्तर पर बढ़ रही ईंधन क़ीमतों के लिए भी अमेरिका को दोषी ठहराया जाना चाहिए।
शुक्रवार को प्रसारित एक टेलीविजन साक्षात्कार के दौरान ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा, “होर्मुज़ जलडमरूमध्य में असुरक्षा अमेरिकी कार्रवाइयों का परिणाम है। यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित है, तो उसे अमेरिका को फटकार लगानी चाहिए।”
ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राईल द्वारा उसके ख़िलाफ़ कथित रूप से शुरू किए गए नवीनतम “अकारण आक्रमण” के बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। जून में पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए एक समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत ईरान और अमेरिका ने जलडमरूमध्य को 60 दिनों के लिए फिर से खोलने पर सहमति जताई थी।
ईरान ने इस समझ के अनुरूप जलडमरूमध्य से सुरक्षित और क़ानूनी आवागमन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए थे। हालांकि, बक़ाई के अनुसार, अमेरिका द्वारा किए गए उल्लंघनों के कारण ईरान को एक बार फिर जलमार्ग को बंद करना पड़ा।
तेहरान ने जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए कई शर्तें रखी हैं। इनमें ईरान पर लगाए गए अमेरिकी नौसैनिक और आर्थिक नाकाबंदी को पूरी तरह हटाना, सभी मोर्चों पर आक्रामक कार्रवाई को स्थायी रूप से रोकना—जिसमें लेबनान भी शामिल है—और यमन की नाकाबंदी की स्थिति को स्पष्ट करना शामिल है।
बक़ाई ने याद दिलाया कि 28 फरवरी से पहले जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला हुआ था, लेकिन इसके बाद ईरान ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए क़दम उठाए। उन्होंने कहा, “इन परिस्थितियों में हमें अपने देश की सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक क़दम उठाने का अधिकार है।”
प्रवक्ता ने कहा कि, इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) होने के बाद जलडमरूमध्य “कुछ हद तक अधिक सुरक्षित” हो गया था। उन्होंने दावा किया कि, समझौते के बाद ईरान ने अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन किया, जबकि अमेरिका ने 23 दिन बाद अपनी प्रतिबद्धता का उल्लंघन कर दिया।
बक़ाई ने कहा, “अमेरिकियों द्वारा [उल्लंघन करने के लिए] दिए गए बहाने का कोई आधार नहीं था।”
ईरान ने फारस की खाड़ी के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन को ‘कूटनीतिक उपलब्धि’ बताया
बघाई ने इस बीच ओमान में होने वाली फारस की खाड़ी से लगे देशों के विदेश मंत्रियों की प्रस्तावित बैठक पर भी चर्चा की। इस बैठक में होर्मुज़ जलडमरूमध्य का मुद्दा प्रमुख विषयों में से एक होने की उम्मीद है।
बक़ाई के अनुसार, ईरान और ओमान जलमार्ग से आवागमन के संबंध में दोनों देशों के बीच हुई बातचीत की प्रक्रिया और उसके परिणाम के बारे में जानकारी देंगे।
उन्होंने कहा,
“यह महत्वपूर्ण है कि आपकी कूटनीति इस दिशा में सफल हो कि देश इस निष्कर्ष पर पहुंचें कि हमें एक साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए, खासकर बाहरी क्षेत्रीय देशों और अन्य पक्षों की मौजूदगी के बिना। उन्होंने इसे “एक कूटनीतिक उपलब्धि” बताया।
‘अब क्षेत्रीय सुरक्षा की ज़िम्मेदारी ख़ुद लेने का समय है’
बक़ाई ने कहा, “दुनिया में हर किसी ने यह समझ लिया है कि क्षेत्र में संयुक्त राज्य अमेरिका की मौजूदगी सुरक्षा पैदा नहीं करती।” उन्होंने कहा कि, ईरान क्षेत्र के देशों के साथ अच्छे पड़ोसी संबंधों के लिए प्रतिबद्ध है और उसने उनसे आग्रह किया है कि वे अपने क्षेत्रों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए न होने दें।
उन्होंने कहा,
“अब समय आ गया है कि हम स्वदेशी क्षेत्रीय सुरक्षा की बात करें। मैं यह नहीं कहना चाहता कि क्षेत्र में अन्य देशों की सैन्य मौजूदगी कल ही समाप्त हो जाएगी, लेकिन हमें क्षेत्र की सुरक्षा खुद सुनिश्चित करनी होगी और इसका समय अब आ गया है।”


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