दिल्ली में जुटे राष्ट्राध्यक्ष, आज से शुरू होगा दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम की बैठक के बाद भारत 12 सितंबर से ब्रिक्स के 18वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। दो दिवसीय इस सम्मेलन में 11 बड़ी उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं वाले देश शामिल होंगे। इन देशों में ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, भारत, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम ब्रिक्स के साझेदार देशों के रूप में सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। पूरी दुनिया की नजरें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जारी होने वाले संयुक्त घोषणा-पत्र पर टिकी हुई हैं।
सहयोग बढ़ाने पर जोर
शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान सहित अन्य नेताओं ने ब्रिक्स समूह को और अधिक प्रभावी बनाने तथा उभरती वैश्विक चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए सहयोग का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया।
जहां एक ओर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स की तुलना जी7 से करते हुए कहा कि ब्रिक्स ने दुनिया के सबसे शक्तिशाली समूह जी7 को पीछे छोड़ दिया है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि वैश्विक जीडीपी में ढाई गुना वृद्धि की तुलना में ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी में लगभग साढ़े चार गुना वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स नेताओं का स्वागत करते हुए कहा, “इस साल हम ब्रिक्स के 20 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। जब 2006 में इस समूह की शुरुआत हुई थी, तब इसमें केवल चार देश शामिल थे। आज ब्रिक्स और उसके साझेदार देशों को मिलाकर हमारे पास 21 देशों का परिवार है।”
उन्होंने कहा कि आज ब्रिक्स देश दुनिया की लगभग 50 प्रतिशत आबादी, वैश्विक जीडीपी के करीब 40 प्रतिशत और 25 प्रतिशत से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन वर्षों में वैश्विक जीडीपी में लगभग ढाई गुना वृद्धि हुई है, जबकि ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी लगभग साढ़े चार गुना बढ़ी है।
उन्होंने कहा, “ब्रिक्स देश वैश्विक नवाचार और समाधान के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। हमारे देशों में नवाचार की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं, जिनमें जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकों तक शामिल हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, उसकी गति और उससे जुड़ी अपेक्षाएं हम सभी के बीच स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। भारत में आयोजित यह फोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है।
आज ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में क्या होगा?
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत शनिवार को सदस्य देशों के नेताओं के लिए “समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करना” विषय पर एक बंद कमरे में होने वाली बैठक से होगी। इसके बाद सदस्य देशों के नेता भारत मंडपम में भारतीय नवाचारों की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। वे एक पौधारोपण अभियान में भी हिस्सा लेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा। शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ब्रिक्स नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों का सिलसिला भी जारी रखेंगे।


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