ग़ाज़ा के अस्पतालों में समय से पहले जन्म का संकट, इनक्यूबेटर कम पड़े

ग़ाज़ा के अस्पतालों में समय से पहले जन्म का संकट, इनक्यूबेटर कम पड़े

ग़ाज़ा के अस्पतालों में समय से पहले जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं की संख्या बढ़ने और चिकित्सा उपकरणों की भारी कमी के कारण नवजात शिशुओं के गहन चिकित्सा देखभाल केंद्र अपनी क्षमता से कई गुना अधिक मरीज़ों का इलाज करने के लिए मजबूर हैं। ख़ान यूनिस के नासिर मेडिकल कॉम्प्लेक्स के अल-तहरीर अस्पताल में नवजात शिशु विभाग इस समय अपने इतिहास की सबसे गंभीर भीड़ का सामना कर रहा है। 4 सितंबर को 10 और समय से पहले जन्मे बच्चों को भर्ती किए जाने के बाद इलाज करा रहे नवजात शिशुओं की संख्या बढ़कर 54 हो गई।

अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ दरवेश अबू अल-खैर के अनुसार, इस यूनिट की क्षमता केवल 27 बच्चों की है। यानी वर्तमान संख्या निर्धारित क्षमता की लगभग 200 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। जगह और इनक्यूबेटरों की कमी के कारण कुछ मामलों में एक ही इनक्यूबेटर में एक से अधिक नवजात शिशुओं को रखना पड़ रहा है। अस्पताल में दवाओं और ऑक्सीजन की भी भारी कमी है।

डॉक्टर के अनुसार, समय से पहले जन्म और जन्मजात जटिलताओं में वृद्धि इस दबाव के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। उन्होंने इस स्थिति को गर्भवती महिलाओं में कुपोषण, बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति और युद्ध के कारण पैदा हुए हालात से जोड़ा है। यह चिकित्सकीय आकलन संबंधित डॉक्टर की ओर से प्रस्तुत किया गया है। वहीं, कुल मिलाकर ग़ाज़ा की स्वास्थ्य व्यवस्था लंबे समय से दवाओं, ईंधन, चिकित्सा उपकरणों और कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है।

ग़ाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अगस्त 2026 में ग़ाज़ा में 5,493 बच्चों का जन्म हुआ, जो 2026 के दौरान किसी एक महीने में जन्म लेने वाले बच्चों की सबसे अधिक संख्या है। संयुक्त राष्ट्र की यूनिसेफ ने भी इस वर्ष बताया था कि समय से पहले और कम वजन वाले बच्चों के जन्म में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और लगभग हर पांच में से एक नवजात को गहन चिकित्सा देखभाल या शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए विशेष चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता होती है।

इनक्यूबेटरों की कमी ग़ाज़ा में नई समस्या नहीं है, बल्कि युद्ध के दौरान यह लगातार गंभीर होती गई है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध से पहले ग़ाज़ा के आठ नवजात गहन चिकित्सा देखभाल केंद्रों में कुल 178 इनक्यूबेटर थे। लेकिन नवंबर 2024 तक उत्तरी गाज़ा के तीन केंद्रों के नष्ट होने के बाद यह संख्या घटकर केवल 54 रह गई थी। इस दौरान चिकित्सा कर्मचारियों ने कुछ अस्पतालों में तीन या चार नवजात शिशुओं को एक ही इनक्यूबेटर में रखने की घटनाओं की भी जानकारी दी थी।

यूनिसेफ ने मई 2026 में बताया था कि ग़ाज़ा में बड़ी संख्या में बच्चे समय से पहले, कुपोषण के साथ या आपातकालीन परिस्थितियों में पैदा हो रहे हैं और नवजात शिशुओं के गहन चिकित्सा देखभाल केंद्र सीमित उपकरणों के साथ अपनी क्षमता से अधिक मरीजों का इलाज कर रहे हैं। संगठन ने नवंबर के बाद ग़ाज़ा के अस्पतालों को 3 वेंटिलेटर और 3 इनक्यूबेटर उपलब्ध कराए थे, लेकिन ज़रूरत इसके मुकाबले कहीं अधिक है।

संकट केवल इनक्यूबेटरों तक सीमित नहीं है। ग़ाज़ा में बिजली की नियमित आपूर्ति नहीं होने के कारण अस्पताल जनरेटरों पर निर्भर हैं, लेकिन ईंधन, इंजन ऑयल और स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण यह व्यवस्था भी बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच रही है। नासिर अस्पताल के चार जनरेटरों में से एक पहले ही बंद हो चुका है, जबकि बाकी में से दो बेहद दबाव में काम कर रहे हैं। तकनीकी कर्मचारियों को जनरेटरों का इंजन ऑयल सामान्यतः 250 घंटे के बजाय लगभग 1,000 घंटे बाद बदलना पड़ रहा है।

ग़ाज़ा सिटी के अल-अहली अरब अस्पताल में भी 10 सितंबर को मुख्य जनरेटर खराब होने के बाद सीटी स्कैन और एक्स-रे सहित महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाएं बंद करनी पड़ीं, जबकि कई ऑपरेशन टाल दिए गए। यह अस्पताल प्रतिदिन लगभग 1,000 मरीजों को सेवाएं देता है और आपातकालीन प्रसूति सुविधा भी उपलब्ध कराता है। चिकित्सा संकट के बीच ऑक्सीजन की कमी भी बढ़ती जा रही है। ग़ाज़ा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने घरों और तंबुओं में इलाज करा रहे मरीजों के लिए बाहरी ऑक्सीजन सिलेंडरों को दोबारा भरने की कुछ सेवाएं रोक दी हैं, ताकि सीमित ऑक्सीजन को गहन चिकित्सा देखभाल, नवजात शिशुओं के इनक्यूबेटरों और ऑपरेशन थिएटरों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।

popular post

क्या ईरान के साथ युद्ध में मिली हार को पचा नहीं पा रहा है ट्रंप प्रशासन ??

क्या ईरान के साथ युद्ध में मिली हार को पचा नहीं पा रहा है ट्रंप

संयुक्त अरब अमीरात ने इस्राईली नागरिकों को वीज़ा देना किया शुरू

कुछ दिनों पहले इस्राईल के साथ अपने संबंधों को सार्वजनिक कर कई समझौते पर हस्ताक्षर

4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस

4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस हर देश किसी न किसी तारीख़ को नौसेना दिवस मनाया

कल से शुरू होगी टी-20 सीरीज, जानिए कितने बजे खेला जाएगा मैच

भारतीय टीम फ़िलहाल अपने ऑस्टेलिया के दौरे पर है जहाँ पर अब तक एकदिवसीय सीरीज़

कुछ हफ़्तों में मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन आने की उम्मीद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

कोरोना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह एक सर्वदलीय बैठक की. पीएम मोदी ने

महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में लगा तगड़ा झटका, सिर्फ एक सीट पर मिल सकी जीत

महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में तगड़ा झटका लगा है. विधान परिषद की

5वें दौर की बैठक: किसानों का दो टूक जवाब हम सरकार से चर्चा नहीं, बल्कि ठोस जवाब चाहते हैं वो भी लिखित में,

कृषि कानूनों को लेकर पिछले 9 दिनों से धरने पर बैठे किसानों के साथ केंद्र

रूस की नसीहत, वेस्ट बैंक में एकपक्षीय कार्रवाई से बचे इस्राईल

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने मेडिटरेनीयन डायलॉग्स बैठक को संबोधित करते हुए कहा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *