बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने की नुपूर शर्मा की हिमायत

बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने की नुपूर शर्मा की हिमायत

तसलीमा नसरीन ने भी मोहम्मद साहब का अपमान किया था जिस के चलते उन्हे 1994 में बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था।

बांग्लादेश की प्रसिध्द लेखिका तसलीमा नसरीन ने नूपुर शर्मा के बयान के कारण देश के कई शहरों में हुए विरोध प्रदर्शन की कड़ी निंदा की है। इसके साथ ही तसलीमा ने पैगंबर मोहम्मद का जिक्र करते हुए हिंसक प्रदर्शन करने वालों को भी नसीहत दी है। बांग्लादेशी लेखिका ने ट्वीट करते हुए कहा कि अगर आज पैगंबर मोहम्मद जिंदा होते तो दुनिया भर में मुस्लिम कट्टरपंथियों का पागलपन देखकर चौंक जाते।

तसलीमा ने आठ जुन को अपने ट्विटर अकाउंट ट्वीट करते हुए लिखा था कि आलोचना से ऊपर कोई नहीं हो सकता, कोई इंसान भी नहीं, कोई संत नहीं, कोई मसीहा नहीं ,कोई पैगंबर नहीं कोई भगवान नहीं। दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए आलोचनात्मक रवैया जरूरी है। बता दें कि तसलीमा नसरीन भी पहले अपनी किताब “लज्जा” के ज़रिए पैगंबर मोहम्मद साहब को अपमानित कर चुकी हैं जिस के चलते बांग्लादेश में कड़ी आलोचना का सामना क्र्ना पड़ा था जिस के बाद लगभग तीन दशकों से निर्वासन में रह रही हैं।

कट्टरपंथी संगठनों से मौत की धमकी मिलने पर उन्हें साल 1994 में बांग्लादेश छोड़ दिया था। हालांकि तसलीमा के पास स्वीडिश नागरिकता है और वह पिछले दो दशकों में अमेरिका और यूरोप में रही हैं लेकिन वह ज्यादातर समय से शॉर्ट रेजिडेंसी परमिट पर भारत में रह रही है। निलंबित भाजपा नेता नुपुर शर्मा और उनके निष्कासित सहयोगी नवीन कुमार जिंदल की टिप्पणी को लेकर कोलकाता के पास हावड़ा सहित कुछ शहरों में देश भर में प्रदर्शनों और कुछ शहरों में झड़पों के बाद दो लोग मारे गए और दर्जनों गिरफ्तार किए गए।

 

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