उत्तर प्रदेश मे हलचल , केजरीवाल से दिल्ली में मिलेंगे अखिलेश
अखिलेश सिंह और संजय सिंह की मुलाक़ात के बाद आप आदमी पार्टी और समाजवादी के गठबंधन की अटकलें लगने लगी हैं।
उत्तर प्रदेश चुनाव में दोनों दलों के गठबंधन की अटकलों के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव मंगलवार को लखनऊ से दिल्ली रवाना हुए कहा जा रहा है कि वह यहां दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात भी कर सकते हैं।
यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी और सपा के बीच गठबंधन हो सकता है। इसके कयास तब शुरू हो गए थे, जब अखिलेश यादव को जन्मदिन की बधाई देने आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह उनके घर पहुंचे थे।
अरविंद केजरीवाल यूपी में राजनीतिक दखल बढ़ाने के लिए दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की सीटों पर मंथन कर रहे हैं। सत्ता में आने से पहले 2011 में समाजसेवी अन्ना हजारे के साथ अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में जन लोकपाल बिल को लेकर बड़ा आंदोलन किया था। तब दिल्ली से लगे यूपी के जिलों से तमाम लोग शामिल हुए थे। अब आप उसका फायदा उठाना चाहती है।
यूपी में बीते 1 साल से सक्रिय आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी संजय सिंह लगातार अलग-अलग मुद्दों पर यूपी सरकार को घेर रहे हैं। 3 दिन पहले अखिलेश यादव से संजय सिंह ने मुलाकात कर राजनीतिक हलचलें बढ़ा दीं। ग्रेटर नोएडा गाजियाबाद में कुल 10 विधानसभा सीटें आती हैं।
वहीँ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी बार बार अपने बयान में कह चुके है कि वह यूपी में सक्रिय छोटे दलों से गठबंधन करेंगे। ऐसे में आप के साथ गठबंधन करने को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि वह किसी भी राष्ट्रीय पार्टी से गठबंधन न करके छोटे-छोटे जातीय और अन्य क्षेत्रीय दलों से गठबंधन कर उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा को टक्कर देंगे।
दूसरी ओर आप पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सात माह पहले यूपी में विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। तब उन्होंने कहा था, ‘यूपी के लोग दिल्ली क्यों आ रहे हैं? ऐसा इसलिए क्योंकि वहां सुविधाएं नहीं हैं।
अगर दिल्ली में सुविधाएं तैयार की जा सकती है तो UP में ऐसा क्यों नहीं हो सकता। UP ने अब तक गंदी राजनीति देखी है। ऐसे में अब उसे नया मौका मिलना चाहिए।’