सीनेट में जीत के बाद अल-सैयद का वेंस और ट्रंप पर तीखा तंज़, आपको कराना होगा हमारा शपथ ग्रहण समारोह
अमेरिकी सीनेट चुनाव में जीत हासिल करने वाले मुस्लिम डेमोक्रेट उम्मीदवार ने डोनाल्ड ट्रंप और जेडी वेंस पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति को जनवरी में उनके शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नागरिकों के टैक्स का पैसा दूसरे देशों में बच्चों पर बमबारी करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
मिशिगन राज्य से अमेरिकी सीनेट चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के विजयी उम्मीदवार अब्दुर्रहमान अल-सैयद ने जीत के बाद अपने पहले संबोधन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को निशाने पर लेते हुए व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अमेरिकी संविधान के तहत वह जनवरी में उन्हें शपथ दिलाने के लिए बाध्य हैं।
अल-सैयद ने अपनी जीत के भाषण के दौरान समर्थकों की सभा को संबोधित करते हुए जेडी वेंस से कहा:
“हबीबी! इस बात में एक मीठा और सुखद व्यंग्य छिपा है कि संविधान के अनुसार आपको जनवरी में मुझे शपथ दिलानी होगी।” अपने भाषण के एक अन्य हिस्से में अल-सैयद ने चुनाव प्रचार के दौरान उनके खिलाफ इस्लाम-विरोधी और नस्लभेदी बयान देने के लिए डोनाल्ड ट्रंप और जेडी वेंस की आलोचना की।
उन्होंने ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा:
“डोनाल्ड! मैं जानता हूं कि तुम्हें मेरा नाम सही ढंग से बोलने में परेशानी होती थी। इसलिए जनवरी में जब जेडी मुझे शपथ दिला देंगे, तो तुम मुझे सिर्फ ‘सीनेटर’ कहकर बुला सकते हो।”
अपनी चुनावी मुहिम के नारों का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा:
“आज रात, इंशाअल्लाह को अल्हम्दुलिल्लाह में बदल देंगे।” इस मुस्लिम नेता ने फिलिस्तीनियों के अधिकारों का समर्थन करते हुए इस्राईल को अमेरिकी आर्थिक सहायता दिए जाने की आलोचना की।
उन्होंने कहा:
“वे आपको नफरत फैलाने वाला दिखाने की कोशिश करते हैं, क्योंकि आपका मानना है कि फ़िलिस्तीनी बच्चों को अपनी पैतृक भूमि पर इस डर के बिना बड़े होने का अधिकार होना चाहिए कि हमारे टैक्स के पैसों से उनकी हत्या की जाएगी। यह नफरत नहीं है, बल्कि प्यार है।”
मिशिगन के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया:
“हम चाहते हैं कि, हमारे टैक्स का पैसा यहीं, अपने लोगों की भलाई के लिए खर्च किया जाए।” उन्होंने अपनी चुनावी मुहिम के खिलाफ अमेरिकी-इस्राईली सार्वजनिक मामलों की समिति (AIPAC) द्वारा 42 मिलियन डॉलर खर्च किए जाने का जिक्र करते हुए कहा:
“मैं AIPAC का शुक्रिया अदा करता हूं, जिसने हमारे ख़िलाफ़ 42 मिलियन डॉलर खर्च किए। उसने मुझे उसे दो बार हराने का मौका दिया।”
उन्होंने आगे कहा:
“मिशिगन के लोगों! हम नहीं चाहते कि हमारा पैसा रंगभेद, नरसंहार या युद्ध पर खर्च हो।”
अल-सैयद ने अमेरिका के लोगों के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं के बारे में भी बताया। इनमें राजनीति से बड़ी रकम और धनाढ्य लोगों के प्रभाव को खत्म करना, सभी नागरिकों के लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा योजना ‘मेडिकेयर फॉर ऑल’ (Medicare for All) लागू करना और विदेशों में लड़े जा रहे युद्धों की आर्थिक सहायता बंद करना शामिल है।
उन्होंने कहा:
“यह इतना मुश्किल नहीं होना चाहिए कि आप अपने टैक्स का भुगतान करें और इस बात को लेकर निश्चिंत रहें कि आपका पैसा आप पर और आपके बच्चों पर खर्च होगा, न कि दूसरे देशों के लोगों और उनके बच्चों के सिर पर बम बरसाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।”
चुनावी अभियान के दौरान हुए भारी खर्च का जिक्र करते हुए इस विजयी डेमोक्रेट उम्मीदवार ने अपने भाषण के अंत में कहा:
“हमने साबित कर दिया है कि जब मुकाबला पैसे और जनता के बीच हो, तो जनता जीत सकती है।” गौरतलब है कि अब्दुर्रहमान अल-सैयद ने मिशिगन राज्य से अमेरिकी सीनेट चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराकर जीत हासिल की।


popular post
ईरान ने भारत, चीन, क़तर, और इराक़ के जहाज़ों को होर्मुज़ से गुज़रने की अनुमति दी
ईरान ने भारत, चीन, क़तर, और इराक़ के जहाज़ों को होर्मुज़ से गुज़रने की अनुमति
संयुक्त अरब अमीरात ने इस्राईली नागरिकों को वीज़ा देना किया शुरू
कुछ दिनों पहले इस्राईल के साथ अपने संबंधों को सार्वजनिक कर कई समझौते पर हस्ताक्षर
4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस
4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस हर देश किसी न किसी तारीख़ को नौसेना दिवस मनाया
कल से शुरू होगी टी-20 सीरीज, जानिए कितने बजे खेला जाएगा मैच
कल से शुरू होगी टी-20 सीरीज, जानिए कितने बजे खेला जाएगा मैच भारतीय टीम फ़िलहाल
कुछ हफ़्तों में मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन आने की उम्मीद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
कोरोना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह एक सर्वदलीय बैठक की. पीएम मोदी ने
महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में लगा तगड़ा झटका, सिर्फ एक सीट पर मिल सकी जीत
महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में तगड़ा झटका लगा है. विधान परिषद की
5वें दौर की बैठक: किसानों का दो टूक जवाब हम सरकार से चर्चा नहीं, बल्कि ठोस जवाब चाहते हैं वो भी लिखित में,
कृषि कानूनों को लेकर पिछले 9 दिनों से धरने पर बैठे किसानों के साथ केंद्र
रूस की नसीहत, वेस्ट बैंक में एकपक्षीय कार्रवाई से बचे इस्राईल
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने मेडिटरेनीयन डायलॉग्स बैठक को संबोधित करते हुए कहा