ईरान ने भारत, चीन, क़तर, और इराक़ के जहाज़ों को होर्मुज़ से गुज़रने की अनुमति दी 

ईरान ने भारत, चीन, क़तर, और इराक़ के जहाज़ों को होर्मुज़ से गुज़रने की अनुमति दी 

ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के उपाध्यक्ष अमीर हयात मुकद्दम ने घोषणा की है कि ईरान ने चार देशों—भारत, चीन, इराक़ और क़तर—को होर्मुज़  जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाज़ों की आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंधों से छूट दे दी है।

उनके अनुसार, ये छूट आर्थिक और राजनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए दी गई हैं। इनमें भारत से दवाओं के आयात को आसान बनाना और चीन से राजनीतिक समर्थन प्राप्त करना जैसे कारण शामिल हैं। हालांकि, इस सांसद के बयान का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सभी देशों के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है। इन छूटों के कार्यान्वयन से जुड़ी विस्तृत जानकारी की स्वतंत्र रूप से अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।

चारसू इकोनॉमी की रिपोर्ट के अनुसार, हयात मुकद्दम ने ये बयान मंगलवार ४ नवंबर, (12 आबान 1(405 ईरानी कैलेंडर) को देश की आर्थिक और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में दिए। ये बयान ऐसे समय में सामने आए हैं, जब होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की स्थिति और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को दोबारा खोलने से जुड़ी बातचीत पर चर्चा जारी है।

ईरान ने इन देशों को छूट क्यों दी?

  • भारत: ईरान में दवाइयों के आयात को आसान बनाने के लिए।
  • चीन: चीन का राजनीतिक समर्थन हासिल करने के उद्देश्य से।
  • इराक: विशेष आपसी हितों और समझौतों के आधार पर।
  • कतर: दोनों देशों के बीच व्यापारिक और क्षेत्रीय हितों के कारण।

    क्या
    इन जहाजों को कोई शुल्क भी नहीं देना होगा?
    इसमें अंतर है:

    देश पारगमन शुल्क
    भारत देना होगा
    चीन देना होगा
    इराक स्पष्ट जानकारी नहीं
    कतर शुल्क से छूट

हयात मुकद्दम ने कहा है कि इन देशों के जहाजों को जलडमरूमध्य से आने-जाने की अनुमति है और यह निर्णय कुछ विशेष परिस्थितियों तथा आपसी हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है। हयात मुकद्दम के बयान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उन्होंने समुद्री आवाजाही में दी गई छूट को ईरान के आर्थिक और राजनीतिक हितों से जोड़कर देखा है।

इस सांसद के अनुसार, भारत को दी गई छूट का उद्देश्य दवाओं के आयात को आसान बनाना है। इससे संकेत मिलता है कि आवश्यक वस्तुओं, विशेषकर दवाओं की आपूर्ति बनाए रखना, जहाज़ों की आवाजाही से जुड़े इस निर्णय के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण है।वहीं, चीन के संबंध में हयात मुकद्दम ने कहा कि उसे दी गई छूट का एक उद्देश्य चीन का राजनीतिक समर्थन प्राप्त करना है।

हालांकि, अभी तक कोई ऐसा स्पष्ट सार्वजनिक दस्तावेज़ सामने नहीं आया है, जिसमें दवाओं के आयात की मात्रा, चीन से अपेक्षित राजनीतिक समर्थन के स्वरूप या दोनों देशों के बीच इस छूट से जुड़ी कार्यान्वयन संबंधी प्रतिबद्धताओं का विवरण दिया गया हो।

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