ईरानी नागरिकों की हत्या के जवाब में कुवैत स्थित अमेरिकी अड्डे को निशाना बनाया गया: आईआरजीसी

ईरानी नागरिकों की हत्या के जवाब में कुवैत स्थित अमेरिकी अड्डे को निशाना बनाया गया: आईआरजीसी

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक बयान जारी करते हुए दावा किया है कि अमेरिकी सेना द्वारा ईरान में गैर-सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों और नागरिकों की मौत के जवाब में कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया गया।

बयान में ईरान की जनता को संबोधित करते हुए कहा गया है कि आईआरजीसी और बसीज के जवान ईश्वर पर भरोसा रखते हुए तथा जनता के अभूतपूर्व समर्थन से उत्साहित होकर अपने सैन्य अभियानों को सफलता के साथ लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।

आईआरजीसी (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) का बयान:

ईरान की इस्लामी जनता—वीर, जागरूक और हर परिस्थिति में देश के साथ खड़ी रहने वाली—आपके बेटे, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और बसीज बलों में हैं, ईश्वर पर भरोसा रखते हुए और आपके अभूतपूर्व समर्थन से उत्साहित होकर अपने अभियानों को सफलता के साथ जारी रखे हुए हैं।

बयान में कहा गया है कि अमेरिका, जिसे “महान शैतान” कहा गया है, ने यह भ्रम पाल लिया कि ईरान कमज़ोर हो गया है। इसी भ्रम के आधार पर उसने, जैसा कि पहले भी करता रहा है, वार्ताओं के बीच समझौता तोड़ते हुए एक बार फिर संघर्ष शुरू कर दिया। बयान के अनुसार, ईरानी सशस्त्र बलों के विरुद्ध सफलता न मिलने और निराश होने के बाद अमेरिका ने युद्ध का रुख बदलने के उद्देश्य से पिछली रात फिर युद्ध अपराध किया तथा गैर-सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इन हमलों में दूरसंचार और रेलवे सेवाओं से जुड़े कर्मियों तथा सड़क से गुजर रहे वाहनों को निशाना बनाया गया, जिससे कई नागरिक मारे गए या घायल हुए।

बयान में कहा गया है कि इन कार्रवाइयों के जवाब में ईरानी बलों ने प्रतिउत्तर अभियान शुरू कर दिया है।

बयान के अनुसार, इस प्रतिउत्तर की पहली कार्रवाई के तहत आईआरजीसी की एयरोस्पेस फ़ोर्स ने “नस्र-2” अभियान की 12वीं लहर में “या अबा अब्दुल्लाह अल-हुसैन (अ.)” के नारे के साथ तथा ईरानी रेलवे (रजा) के कर्मचारियों को समर्पित करते हुए, एक मिसाइल रक्षा खोज एवं निगरानी रडार, अमेरिकी बलों के कई महत्वपूर्ण हथियार भंडार, दो हिमार्स (HIMARS) ज़मीन से ज़मीन पर मार करने वाले मिसाइल लांचर तथा इस प्रणाली की कई संग्रहीत मिसाइलों को निशाना बनाया। बयान में दावा किया गया है कि इसके परिणामस्वरूप कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे में भीषण आग लग गई।

बयान के अंत में कहा गया है कि क्षेत्र में अमेरिका की कार्रवाइयों के कारण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल और गैस का उत्पादन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है तथा इनके निर्यात में पूरी तरह रुकावट आ गई है। साथ ही कहा गया है कि जवाबी अभियान जारी रहेगा।

“और विजय केवल अल्लाह की ओर से है, जो अत्यंत शक्तिशाली और तत्वदर्शी है।” (क़ुरआन)

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