वॉशिंगटन में हजारों लोगों का ट्रंप के शपथ ग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन
शनिवार को वॉशिंगटन में हजारों लोगों ने डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जो कल (सोमवार) को आयोजित किया जाना है। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व महिला अधिकार कार्यकर्ताओं, नस्लीय न्याय समर्थकों और अन्य सामाजिक संगठनों ने किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ट्रंप की प्रस्तावित नीतियां उनके मौलिक अधिकारों के लिए खतरा बन सकती हैं, खासकर महिलाओं, प्रवासियों और अल्पसंख्यकों के लिए।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार का विरोध प्रदर्शन 2017 में ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान हुए प्रदर्शन की तुलना में अपेक्षाकृत छोटा था। आयोजकों ने अनुमान लगाया था कि लगभग 50,000 लोग इस प्रदर्शन में शामिल होंगे, लेकिन स्थानीय पुलिस के अनुसार, इसमें लगभग आधे लोग ही पहुंचे।
अमेरिका भर में इस विरोध प्रदर्शन के समर्थन में 300 से अधिक रैलियां आयोजित की गई हैं। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य ट्रंप प्रशासन की नीतियों के संभावित प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। प्रदर्शनकारियों ने रोजगार, स्वास्थ्य सेवा, आव्रजन नीति और पर्यावरणीय मुद्दों पर ट्रंप की नीतियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
ट्रंप ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही वे बड़े बदलाव करेंगे, जिनमें अनधिकृत प्रवासियों को देश से निकालने और संघीय सरकार के कुछ विभागों को खत्म करने जैसे कदम शामिल हैं। इस विरोध प्रदर्शन के चलते राजधानी वॉशिंगटन में सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है। कानून प्रवर्तन एजेंसियां किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं। जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए गए हैं और कई सड़कों को बंद कर दिया गया है।
आयोजकों ने घोषणा की है कि ये विरोध प्रदर्शन सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि शपथ ग्रहण के बाद भी जारी रहेंगे। नागरिक अधिकार संगठनों के नेताओं ने कहा है कि वे तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे जब तक उनकी आवाज सुनी नहीं जाती और नीतियों में बदलाव नहीं किया जाता।
विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले लोगों का कहना है कि वे ट्रंप प्रशासन की उन नीतियों के खिलाफ खड़े रहेंगे, जो वे महिलाओं, प्रवासियों और अन्य वंचित समुदायों के खिलाफ मानते हैं। प्रदर्शनकारियों ने “हम पीछे नहीं हटेंगे” और “हमारे अधिकारों की रक्षा करो” जैसे नारे लगाए।
शपथ ग्रहण समारोह के दिन भी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है, जिसमें अमेरिका के विभिन्न राज्यों से हजारों लोगों के आने की उम्मीद है।


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