एक पल के लिए भी नहीं भूल सकते कि अमेरिका ने दो बार कूटनीति का उल्लंघन किया: बक़ाई 

एक पल के लिए भी नहीं भूल सकते कि अमेरिका ने दो बार कूटनीति का उल्लंघन किया: बक़ाई 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने आज साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश नीति से जुड़े ताज़ा घटनाक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने शुरुआत में मीनाब के एक स्कूल की तस्वीर का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह इतिहास में ईरान की जनता के प्रति अमेरिका की मदद के एक उदाहरण के रूप में दर्ज होगा।

उन्होंने कहा कि पिछले 7–8 दिनों में कूटनीतिक स्तर पर कई अहम घटनाएं हुई हैं, जिनका केंद्र युद्ध को समाप्त करने से जुड़ी बातचीत रही है, जो इस समय तथाकथित युद्धविराम (सीज़फायर) के दौरान चल रही है।

डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पुलों और बुनियादी ढांचे पर हमले की धमकी और बातचीत की स्थिति पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा; फिलहाल अगले दौर की बातचीत के लिए कोई योजना नहीं बनाई गई है और इस बारे में कोई फैसला नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति का एक विरोधाभासी पहलू यह है कि अमेरिका एक तरफ कूटनीति और बातचीत की बात करता है, जबकि दूसरी ओर ऐसे कदम उठाता है जो किसी भी तरह से एक गंभीर कूटनीतिक प्रक्रिया को नहीं दर्शाते।

उन्होंने कहा कि किसी देश की समुद्री नाकाबंदी (नौसैनिक घेराबंदी) स्पष्ट रूप से आक्रामक कार्रवाई मानी जाती है और अमेरिका के शब्द और व्यवहार में कोई मेल नहीं है। इससे ईरानी जनता के मन में अमेरिका के इरादों को लेकर संदेह और बढ़ता है। उन्होंने कहा कि ईरान पूरी सावधानी और अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए आगे के कदमों पर निर्णय लेगा।

संभावित हमले के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा:

हम पिछले एक साल के महंगे अनुभव को नहीं भूल सकते। हम एक पल के लिए भी नहीं भूल सकते कि अमेरिका ने दो बार कूटनीति को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि ईरान के सभी हिस्से पूरी सतर्कता के साथ हर प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने ज़ोर दिया कि कूटनीतिक प्रक्रिया में दुश्मन की साजिशों से सावधान रहना जरूरी है, और यह बातचीत टीम व पूरे शासन तंत्र की जिम्मेदारी है।

यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) पर उन्होंने कहा कि अमेरिका पिछले अनुभवों से सबक नहीं लेता और अभी भी अवास्तविक और अनुचित मांगों पर अड़ा हुआ है। अगर वह इन्हें दोहराता है तो उसे पहले जैसा ही जवाब मिलेगा।

दो भारतीय जहाज़ों पर हमले के बारे में उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका और इज़रायल को होरमुज़ जलडमरूमध्य और फ़ारस की खाड़ी को असुरक्षित बनाने के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए, और यह ध्यान रखना चाहिए कि दोषी और पीड़ित की जगह न बदल दी जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच जारी है।

युद्धविराम बढ़ाने के बारे में उन्होंने कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों के लिए किसी समयसीमा या अल्टीमेटम को नहीं मानता। यह युद्ध ईरान ने शुरू नहीं किया था, बल्कि जून और मार्च 2025 में अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई की थी और तब से स्पष्ट किया है कि जब तक राष्ट्रीय हितों की आवश्यकता होगी, वह अपनी रक्षा जारी रखेगा।

अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि, अगर अमेरिका या इज़रायल कोई नया कदम उठाते हैं, तो ईरान की सशस्त्र सेनाएं पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार हैं।

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