ईरान के साथ युद्ध का मतलब—ट्रंप, नेतन्याहू के दबाव में: अमेरिकी एंकर

ईरान के साथ युद्ध का मतलब—ट्रंप, नेतन्याहू के दबाव में: अमेरिकी एंकर

अमेरिका के प्रसिद्ध रूढ़िवादी विश्लेषक Tucker Carlson ने BBC से बातचीत में ईरान के साथ युद्ध को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका, इज़रायल के दबाव और उसके अनुरोध पर इस युद्ध में शामिल हुआ।

कार्लसन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, उन्होंने यह फैसला लिया, लेकिन बाद में उन्हें अपनी ग़लती का एहसास हुआ। उनके अनुसार, ईरान में शासन परिवर्तन के उद्देश्य से किया गया यह युद्ध “उनके जीवनकाल में अमेरिकी राष्ट्रपतियों की सबसे बड़ी भूलों में से एक” है।

उन्होंने आगे कहा कि इज़रायल लंबे समय से अमेरिका पर इस तरह की कार्रवाई के लिए दबाव डालता रहा है और अंततः अमेरिकी नेतृत्व ने इस मांग को स्वीकार कर लिया। हालांकि, कार्लसन के मुताबिक, यह रणनीति उलटी पड़ गई।

कार्लसन ने यह भी चेतावनी दी कि इस युद्ध के परिणाम अमेरिका के लिए अनुकूल नहीं रहे। खासतौर पर, ईरान का होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर प्रभाव उसे एक मजबूत रणनीतिक स्थिति देता है, जिससे वह पहले की तुलना में और अधिक शक्तिशाली होकर उभरा है।

कुल मिलाकर, कार्लसन ने इस पूरे घटनाक्रम को अमेरिका की विदेश नीति की गंभीर चूक बताते हुए इसके दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभावों की ओर इशारा किया।

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