तनाव कम करने के लिए कूटनीति और संवाद का समर्थन करते हैं: जॉर्डन

तनाव कम करने के लिए कूटनीति और संवाद का समर्थन करते हैं: जॉर्डन

जॉर्डन के राजा ने क्षेत्रीय मामलों के संबंध में कूटनीति और संवाद के लिए अपने देश के समर्थन पर जोर दिया। अरबी 21 समाचार एजेंसी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने अपने देश के राजनीतिक और मीडिया प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान कहा कि जॉर्डन अपने नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।

उन्होंने आगे कहा कि,

जॉर्डन क्षेत्र में स्थिरता लौटाने के लिए प्रयास कर रहा है। राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने क्षेत्रीय घटनाओं और ईरान के संदर्भ में कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि तनावों को शांतिपूर्ण तरीकों से कम किया जाए। जॉर्डन का रुख कूटनीति और संवाद का समर्थन करना है।उन्होंने सीरिया का जिक्र करते हुए कहा कि सीरिया में स्थिरता की स्थापना जॉर्डन के लिए लाभकारी है।

जॉर्डन का दावा है कि वह क्षेत्र में कूटनीति और संवाद के माध्यम से तनाव कम करने का समर्थन करता है, लेकिन यह रुख कई सवाल खड़े करता है। सबसे पहले, जॉर्डन खुद ही एक ऐसा देश है जो कई अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय दबावों के बीच फंसा हुआ है, और उसका ‘तटस्थ’ रवैया अक्सर केवल दिखावा लगता है। अगर वास्तव में जॉर्डन का प्राथमिक उद्देश्य अपने नागरिकों और क्षेत्र में स्थिरता लाना होता, तो वह सटीक और ठोस कदम उठाता, न कि सिर्फ भाषणबाजी करता।

सीरिया में स्थिरता जॉर्डन के लिए लाभकारी है

राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने कहा कि सीरिया में स्थिरता जॉर्डन के लिए लाभकारी है, लेकिन वास्तविकता यह है कि जॉर्डन ने सीरिया संकट के दौरान शरणार्थियों और राजनीतिक दबावों के कारण कई बार विवादित निर्णय लिए। उनका कहना कि तनावों को शांतिपूर्ण तरीकों से कम किया जाए, केवल कूटनीतिक नारे लगाना लगता है, जबकि क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष और हिंसा पर जॉर्डन का प्रभाव बहुत सीमित है।

इज़रायल और फिलिस्तीन विवाद पर जॉर्डन का रुख भी विवादास्पद है। ग़ाज़ा में संघर्ष-विराम के समर्थन की बात तो की जाती है, लेकिन पश्चिमी तट (वेस्ट बैंक) में इज़रायली आक्रमणों के खिलाफ जॉर्डन ने ठोस कार्रवाई करने से बचा। इस तरह के बयानों से लगता है कि जॉर्डन सिर्फ अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारना चाहता है, न कि वास्तविक रूप से संघर्ष को रोकना।

कुल मिलाकर, जॉर्डन का बयान क्षेत्रीय तनावों के संदर्भ में केवल प्रचारात्मक और प्रतीकात्मक दिखाई देता है। उसकी नीतियां और वास्तविक कार्रवाइयां अक्सर उसके कूटनीतिक दावों के विपरीत हैं। राजसी भाषणों में जनता और क्षेत्र की स्थिरता की बात करना आसान है, लेकिन वास्तविक राजनीति में जॉर्डन का प्रभाव और प्रतिबद्धता विवादित रहती है।

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