लेबनान: दो महान शहीदों के अंतिम संस्कार के समय और स्थान की घोषणा
हिज़्बुल्लाह, जो लेबनान में एक प्रमुख इस्लामिक राजनीतिक और सैन्य संगठन है, ने हमेशा से इजरायल के खिलाफ प्रतिरोध और संघर्ष के लिए अपने आप को समर्पित किया है। इस संगठन के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह और राजनीतिक परिषद के अध्यक्ष सैयद हाशिम सफीउद्दीन ने अपने जीवन को इसी संघर्ष में झोंक दिया और अंततः शहादत प्राप्त की। उनकी शहादत ने न केवल हिजबुल्लाह के समर्थकों बल्कि पूरे लेबनान और प्रतिरोध मोर्चे के समर्थकों को गहरा सदमा पहुंचाया है।
हिज़्बुल्लाह ने इजरायल के खिलाफ कई ऐतिहासिक लड़ाइयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और लेबनान की संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हमेशा अग्रिम मोर्चे पर रहा है। सैयद हसन नसरुल्लाह ने अपने नेतृत्व में हिज़्बुल्लाह को एक शक्तिशाली और संगठित संस्था के रूप में स्थापित किया, जिसने न केवल लेबनान बल्कि पूरे मध्य पूर्व में अपनी पहचान बनाई। उनके साथी और राजनीतिक परिषद के अध्यक्ष सैयद हाशिम सफीउद्दीन भी इस संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे।
इन दोनों नेताओं की शहादत ने हिज़्बुल्लाह के संघर्ष और बलिदान की परंपरा को और मजबूत कर दिया है। उनके अंतिम संस्कार समारोह न केवल हिज़्बुल्लाह के समर्थकों बल्कि पूरे लेबनान के लिए एक भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण होगा। यह समारोह उनके संघर्ष और बलिदान को याद करने और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का एक अवसर होगा।
हिज़्बुल्लाह ने अपने बयान में लेबनान के सभी लोगों से इस समारोह में शामिल होने का आह्वान किया है, ताकि वे इन महान नेताओं को अंतिम विदाई दे सकें और उनके संघर्ष और बलिदान को सलाम कर सकें। यह समारोह न केवल हिज़्बुल्लाह बल्कि पूरे लेबनान के लिए एकता और संघर्ष का प्रतीक होगा।
इस प्रकार, हिज़्बुल्लाह ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह न केवल एक सैन्य बल्कि एक ऐसा संगठन है जो अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के बलिदान और समर्पण के लिए जाना जाता है। सैयद हसन नसरुल्लाह और सैयद हाशिम सफीउद्दीन की शहादत हिज़्बुल्लाह के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ देगी और उनके अनुयायियों को उनके आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित करेगी।