इज़रायली टैंकों और ड्रोन का ग़ाज़ा पट्टी पर हमला

इज़रायली टैंकों और ड्रोन का ग़ाज़ा पट्टी पर हमला

इज़रायल द्वारा ग़ाज़ा पट्टी में संघर्ष-विराम के एक और उल्लंघन की रिपोर्ट सामने आई है। लेबनानी चैनल अल-मनार के अनुसार, इज़रायली टैंकों ने दक्षिणी ग़ाज़ा पट्टी में स्थित ख़ान यूनुस शहर के पूर्वी इलाक़ों अल-क़रारा और अबसान पर भीषण हमले किए। इन हमलों में कई इमारतों को निशाना बनाया गया, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।

इसके अलावा, इज़रायली ड्रोन ने ग़ाज़ा पट्टी के उत्तर में स्थित बैत हनून के पूर्वी हिस्से में एक लक्ष्य को बमबारी कर नष्ट कर दिया। इस ड्रोन हमले में एक फ़िलिस्तीनी नागरिक शहीद हो गया, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

संघर्ष-विराम का अंत और इज़रायल की नई योजना
ग़ौरतलब है कि 1 मार्च को ग़ज़ा में 42 दिनों का संघर्ष-विराम समाप्त हो गया था, जो कि, संघर्ष-विराम समझौते के पहले चरण का हिस्सा था। हालांकि, अभी तक इसके दूसरे चरण की वार्ता शुरू नहीं हो सकी है।

इसी बीच, इज़रायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय ने घोषणा की कि इज़रायल, डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ की ओर से प्रस्तावित संघर्ष-विराम के दूसरे चरण की योजना को स्वीकार करता है।

क्या है स्टीव विटकॉफ़ की योजना?
यह निर्णय एक महत्वपूर्ण चार घंटे की सुरक्षा बैठक के बाद लिया गया, जिसमें इज़रायल के रक्षामंत्री, सेना के शीर्ष अधिकारी और वार्ता दल के सदस्य शामिल थे।

स्टीव विटकॉफ़ की योजना के अनुसार:
रमज़ान के पवित्र महीने और यहूदी पर्व ‘फ़सह’ के दौरान संघर्ष-विराम लागू रहेगा।
इस संघर्ष-विराम के बदले में, समझौते के पहले दिन ही आधे इज़रायली क़ैदियों (चाहे जीवित हों या मृत) को रिहा किया जाएगा।

हालांकि, इस समझौते पर फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधी गुटों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, ग़ाज़ा में लगातार जारी हमलों और इज़रायल के संघर्ष-विराम उल्लंघन से यह स्पष्ट हो रहा है कि इज़रायली शासन इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने के बजाय सैन्य कार्रवाई को बढ़ाने की नीति पर काम कर रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles