ईरान ने ट्रंंप के पत्र के जवाब का आधिकारिक एलान किया
ईरान के विदेश मंत्री ने कल रात आधिकारिक तौर पर घोषणा करते हुए कहा कि, ट्रंप के पत्र पर ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया बुधवार, को ओमान के माध्यम से भेजी गई है।
पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर ईरान की प्रतिक्रिया भेजने के बारे में फुसफुसाहट हो रही थी, जिसकी ईरान के अधिकारियों ने न तो पुष्टि की थी और न ही खंडन किया था, जब तक कि सैय्यद अब्बास अराक़ची ने कल रात ओमान के माध्यम से पत्र भेजने की खबर की पुष्टि नहीं की।
अराक़ची ने जोर दिया: हमारी नीति अभी भी अधिकतम दबाव और सैन्य खतरों की स्थिति में कोई सीधी बातचीत नहीं करने पर आधारित है, लेकिन अप्रत्यक्ष बातचीत पहले की तरह जारी रह सकती है। हसम रूहानी की सरकार और शाहिद इब्राहीम रईसी दोनों की सरकार में अप्रत्यक्ष बातचीत की गई।
अराक़ची के बयान की प्रमुख बातें
अमेरिका के साथ बातचीत न करना हमारी रणनीति नहीं है।
हम जेसीपीओए के रक्षक थे और हैं।
ईरान की विदेश नीति कूटनीति और युद्ध से बचने पर केंद्रित है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति के पत्र के जवाब में ईरान के संभावित परिदृश्य
खबर ऑनलाइन के साथ एक साक्षात्कार में अराक़ची ने कहा, अगर हम उस समय जेसीपीओए की स्थितियों पर वापस जाएं तो
अमेरिका के ख़िलाफ़ हमारी स्पष्ट मांगें होनी चाहिएं।
हमें बातचीत के लिए किसी मध्यस्थ की जरूरत नहीं।
मिसाइल कार्यक्रम को बातचीत से बाहर रखा जाएगा
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और उन्होंने कहा: इस आधिकारिक प्रतिक्रिया में एक पत्र शामिल है जिसमें वर्तमान स्थिति और ट्रंंप के पत्र के बारे में हमारे दृष्टिकोण को पूरी तरह से समझाया गया है और दूसरे पक्ष को सूचित किया गया है।
ट्रंंप के पत्र ओमान द्वारा भेजा गया ईरान का उत्तर:
1- परमाणु समझौता = समझौता योग्य, बशर्ते प्रतिबंध हटा दिए जाएं।
2- मिसाइल क्षमता = किसी भी स्थिति में इस पर कोई भी बातचीत नहीं होगी।
3- प्रतिरोध मोर्चे का मामला = ये संगठन हमारे प्रतिनिधि नहीं हैं इसलिए अपने निर्णय स्वयं लेते हैं, हम केवल उनके निर्णयों का समर्थन करते हैं। ईरान उनसे बातचीत नहीं कर सकता।
4- धमकी और हमला = धमकी का जवाब धमकी से और हमले का जवाब विनाशकारी हमले से दिया जायेगा!