कूटनीति ईरान की प्राथमिकता, लेकिन जबरन बातचीत स्वीकार्य नहीं: ईरान 

कूटनीति ईरान की प्राथमिकता, लेकिन जबरन बातचीत स्वीकार्य नहीं: ईरान 

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने एक बार फिर दोहराया है कि विवादों को सुलझाने के लिए कूटनीति ईरान की प्राथमिकता बनी हुई है, लेकिन इस्लामिक गणराज्य को धमकियों या दबाव के ज़रिये बातचीत के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध से किसी भी पक्ष को कोई लाभ नहीं होगा। ये बयान शनिवार रात राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान और मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़त्ताह अल-सीसी के बीच हुई टेलीफोन बातचीत के दौरान दिए गए।

ईरानी राष्ट्रपति के अनुसार, इस्लामिक गणराज्य इस बात पर ज़ोर देता है कि कूटनीतिक प्रक्रियाएं शुरू की जाएं और समानता के आधार पर, बिना किसी धमकी के, सम्मानजनक कूटनीति अपनाई जाए। उन्होंने जोड़ा कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ईरान की नीति में हमेशा युद्ध की बजाय कूटनीति को प्राथमिकता दी गई है।

बातचीत के दौरान पेज़ेश्कियन ने क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए मुस्लिम देशों द्वारा किए जा रहे ईमानदार, ज़िम्मेदार और भाईचारे वाले प्रयासों तथा इस्लामिक गणराज्य के समर्थन के लिए उनका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि तेहरान की सैद्धांतिक विदेश नीति का उद्देश्य आंतरिक एकता और तालमेल को मज़बूत करना है, साथ ही पड़ोसी और मुस्लिम देशों के साथ मित्रतापूर्ण संबंधों को सुदृढ़ और विस्तारित करना भी है।

उन्होंने अमेरिका और ज़ायोनी शासन (इज़रायल) पर आरोप लगाया कि वे तनाव बढ़ाने, युद्ध थोपने, दबाव और प्रतिबंध लगाने तथा ईरान के भीतर अशांति भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

राष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा कि,
इस्लामिक गणराज्य ने कभी युद्ध की इच्छा नहीं रखी है और न ही अब रखता है, क्योंकि संघर्ष से न तो ईरान को, न अमेरिका को और न ही पूरे क्षेत्र को कोई लाभ होगा। पेज़ेश्कियन ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में भी इस्लामिक गणराज्य शांत और रचनात्मक माहौल में बातचीत के लिए कूटनीतिक प्रक्रियाओं के महत्व पर लगातार ज़ोर दे रहा है।

कूटनीति को प्राथमिक रास्ता बताते हुए उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ईरानी क्षेत्र पर कोई भी आक्रमण या हमला किया गया, तो उसका निर्णायक और शक्तिशाली जवाब दिया जाएगा, भले ही तेहरान कूटनीतिक माध्यमों से मुद्दों के समाधान की कोशिश जारी रखे।

काहिरा तनाव कम करने के प्रयास जारी रखेगा: अब्दुल फ़त्ताह अल-सीसी
दूसरी ओर, मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़त्ताह अल-सीसी ने इस संवाद पर संतोष व्यक्त किया और ईरान के लोगों तथा क्षेत्र के सभी देशों के लिए शांति, स्थिरता और सुरक्षा की कामना की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय चुनौतियों का कोई सैन्य समाधान नहीं है।

मिस्र के राष्ट्रपति ने यह भी चेतावनी दी कि तनाव में किसी भी तरह की बढ़ोतरी के नकारात्मक परिणाम न केवल ईरान, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए होंगे। उन्होंने कहा कि काहिरा तनाव कम करने के प्रयास जारी रखेगा और विवादों के समाधान तथा क्षेत्रीय स्थिरता को मज़बूत करने के उद्देश्य से कूटनीतिक पहलों का समर्थन करने के लिए तैयार है।

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