यमन का सऊदी पर सैन्य कार्रवाइयों में तेज़ी का संदेश / सनआ अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं

यमन का सऊदी पर सैन्य कार्रवाइयों में तेज़ी का संदेश / सनआ अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं

यमन और सऊदी अरब के बीच तनाव कम करने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर मध्यस्थता के प्रयासों के बावजूद सैन्य टकराव बढ़ने की ख़बरें सामने आई हैं। ईरान की राजधानी तेहरान में सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के अधिकारियों की यात्राओं के बाद शांति प्रयासों की चर्चा तेज़ हुई, लेकिन यमन की राजधानी सना से जुड़े सशस्त्र बलों ने सऊदी अरब के भीतर कई ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। समाचार एजेंसी तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार, इन अभियानों में सैन्य और तेल संबंधी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।

सऊदी अरब के ठिकानों पर हमलों का दावा

यमन के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरीअ के अनुसार, यमनी बलों ने सऊदी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय और नजरान तथा खमीस मुशैत में स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। उन्होंने दो सैन्य परिवहन विमानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए जाने का भी दावा किया। इसके अलावा, अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले के कारण हवाई यातायात बाधित होने की बात कही गई।

रिपोर्ट में रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन के पंपिंग स्टेशनों पर ड्रोन हमलों का भी उल्लेख है। हालाँकि, इन हमलों और उनके प्रभावों की स्वतंत्र पुष्टि रिपोर्ट में प्रस्तुत नहीं की गई है।

सनआ की प्रमुख शर्तें

यमनी पक्ष का कहना है कि वह अपने अधिकारों और मांगों से पीछे नहीं हटेगा। उसकी प्रमुख शर्तों में यमन की नाकेबंदी समाप्त करना, सैन्य आक्रमण रोकना, सरकारी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान सुनिश्चित करना, कैदियों की समस्याओं का समाधान करना, बंद सड़कों को खोलना और मुआवज़ा देना शामिल है।

यमनी अधिकारियों ने सऊदी अरब पर शांति प्रक्रिया के प्रति गंभीर न होने और देश के भीतर तनाव बढ़ाने के लिए अपने समर्थित लड़ाकों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने उन मीडिया रिपोर्टों को भी खारिज किया, जिनमें दावा किया गया था कि सऊदी अरब ने सैन्य अभियान रोकने के बदले सना को एक अरब डॉलर देने की पेशकश की है। यमनी सूत्रों के अनुसार, यह खबर सना की प्रतिबद्धता परखने के उद्देश्य से फैलाई गई थी।

बाब अल-मंदब के आसपास संघर्ष

मैदानी मोर्चे पर यमनी बलों ने दावा किया कि उन्होंने बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के निकट स्थित रणनीतिक कहबूब पहाड़ियों के बड़े हिस्से पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। उनके अनुसार, सऊदी समर्थित लड़ाकों की आगे बढ़ने की कोशिशों को नाकाम कर दिया गया। यमनी पक्ष ने मिसाइलों और भारी हथियारों से विरोधी लड़ाकों के ठिकानों पर हमले करने तथा कई लोगों के मारे जाने और घायल होने का भी दावा किया।

यमनी सैन्य सूत्रों ने जायंट्स ब्रिगेड के ज़ुबाब हवाई अड्डे के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र तक पहुँचने संबंधी खबरों को ग़लत बताया। उनका दावा है कि जायंट्स ब्रिगेड और वतन की ढाल नामक समूह ने खोए हुए ठिकानों को वापस लेने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। रिपोर्ट के अंत में कहा गया है कि, सनआ की सेनाओं ने लहज प्रांत के तटीय क्षेत्रों में भी अपनी बढ़त जारी रखने का दावा किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, मध्यस्थता के प्रयासों के बावजूद संघर्ष समाप्त होने के संकेत स्पष्ट नहीं हैं। सना अपनी शर्तों पर कायम है, जबकि सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

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