अरामको यमन के ख़िलाफ़ युद्ध के वित्तपोषण में अग्रिम भूमिका निभा रही: यमन
सऊदी अरब को यमन के ख़िलाफ़ ज़मीनी मोर्चे पर हार का सामना करने और यमनी सेना के अभियानों से अपने तेल एवं आर्थिक बुनियादी ढाँचे की रक्षा करने में नाकाम रहने के बावजूद, वह लगातार यमन में आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बना रहा है। इस बीच, यमन के विदेश मंत्रालय ने रविवार रात एक बयान जारी कर सऊदी अरब को उसके इन अपराधों को जारी रखने के ख़िलाफ़ चेतावनी दी।
यमन के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि, नागरिक बुनियादी ढाँचे और आम नागरिकों को निशाना बनाकर सऊदी अरब द्वारा किए जा रहे हमलों में तेज़ी आने पर उसे और इन अपराधों के वित्तपोषण केंद्रों को दर्दनाक जवाब का सामना करना पड़ेगा। मंत्रालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि, यमनी जनता की माँगें उसके वैध अधिकार हैं, जिन पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता और जिनसे पीछे नहीं हटा जाएगा।
बयान में आगे कहा गया, “यमन की जनता इस समय एक निर्णायक लड़ाई में उलझी हुई है। यह लड़ाई उस आक्रामक शासन ने उन पर थोपी है, जिसने सभी मानदंडों, कानूनों और निर्धारित अंतरराष्ट्रीय संधियों की अनदेखी की है।” यह बयान ऐसे समय में आया है, जब सऊदी अरब ने अपनी कार्रवाइयों को जारी रखते हुए और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए एक बार फिर यमन के महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढाँचे पर हवाई हमले किए।
यमन से मिली जमीनी रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी लड़ाकू विमानों ने दो वाणिज्यिक जहाज़ों को निशाना बनाने के बाद अल-हुदैदा प्रांत के तेल बंदरगाह रास ईसा (Ras Isa) के घाटों और वहाँ खड़े ट्रकों पर भारी बमबारी की। बंदरगाह की सुविधाओं पर हुए इस हमले में कम-से-कम सात यमनी नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया।
इससे पहले, यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के राजनीतिक कार्यालय के सदस्य हिज़ाम अल-असद ने एक चेतावनी भरा कड़ा संदेश जारी करते हुए सऊदी नेतृत्व से कहा था:
“वाणिज्यिक जहाज़ों को निशाना बनाकर सऊदी अरब ने अपने लिए ऐसा दरवाज़ा खोल दिया है, जिसे बंद करने की क्षमता उसके पास नहीं होगी।”
इसी मुद्दे पर सनआ सरकार के मीडिया विभाग के प्रमुख नस्रुद्दीन आमिर ने सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको (Aramco) की सुविधाओं के खिलाफ यमनी सेना के लगातार जारी अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि अरामको यमन के ख़िलाफ़ युद्ध के वित्तपोषण में अग्रिम भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि इस कंपनी के बजट का इस्तेमाल क्षेत्र में युद्धों और आक्रामक कार्रवाइयों के वित्तपोषण के लिए किया जाता है। इसमें इस्राईली दुश्मन को समर्थन देना भी शामिल है। उन्होंने अरामको में निवेश करने वालों से यमन के सशस्त्र बलों की चेतावनियों को गंभीरता से लेने का आग्रह किया।
उनके अनुसार, सऊदी अरब द्वारा यमन के ख़िलाफ़ आक्रामक कार्रवाइयाँ और नाकेबंदी जारी रखने के कारण यमनी सेना अरामको के बुनियादी ढाँचे को लगातार निशाना बनाती रह सकती है। इससे इस कंपनी में किए गए निवेश को भारी नुक़सान होने का ख़तरा है।


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