आसिफ इकबाल तनहा की ज़मानत याचिका पर अदालत ने फ़ैसले को रखा सुरक्षित

नई दिल्ली (एएनआई): नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान बीते दिसंबर में हुई हिंसा के आरोप में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) के एक छात्र आसिफ इकबाल तनहा (Asif Iqbal Tanha) को गिरफ्तार किया था जिस पर आज दिल्ली उच्च न्यायालय दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जमानत याचिका पर अपने आखिर फ़ैसले को सुरक्षित रख लिया है ।

बता दें कि दिल्ली पुलिस और तनहा के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल (Siddharth Mridul) और अनूप जयराम भंभानी की खंडपीठ ने आदेश को सुरक्षित रखा है।

भारतीय न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार आज अदालत, तन्हा की ज़मानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसको एक ट्रायल कोर्ट ने पुलिस की ज़मानत की मुख़ालिफ़त के कारण ख़ारिज कर दिया गया था।

ग़ौरतलब है कि दिल्ली की एक अदालत ने तन्हा की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि आरोपी आसिफ इकबाल तन्हा अन्य सह-अभियुक्तों के साथ जुड़ा हुआ था और विरोध स्थलों पर विरोध के आयोजन की पूरी साजिश में बहुत सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिसके परिणाम स्वरूप दंगे हुए, कई लोगों को घायल हुए और कुछ की मौत भी हुई थी और कुछ संपत्तियो को भी नुकसान पंहुचा था।

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