मज़दूरों को सुरंग से बाहर निकालना अब तक का सबसे बड़ा अभियान: गडकरी

मज़दूरों को सुरंग से बाहर निकालना अब तक का सबसे बड़ा अभियान: गडकरी

नई दिल्ली। उत्तरकाशी के सिल्क्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को 17 दिनों के बाद सफलता पूर्व रेस्क्यू कर लिया गया। सभी मजदूरों को सुरंग से निकालकर फिलहाल मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। इस ऑपरेशन की के बाद राजनेताओं ने भी खुशियां जताई है। उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में 12 नवम्बर से फंसे 41 मजदूरों के सकुशल बचकर बाहर आने पर केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने राहत की सांस ली है।

सभी के सकुशल बाहर आते ही उन्होंने अपनी खुशी का इजहार सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफार्म पर किया। उन्होंने लिखा, ‘मैं पूरी तरह से राहत महसूस कर रहा हूं और खुश हूं क्योंकि सिलक्यारा सुरंग में हुए धंसान में फंसे 41 मजदूरों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है। गडकरी ने कहा कि मैं इस बचाव अभियान में शामिल प्रत्येक एजेंसी और व्यक्ति का आभार व्यक्त करता हूं। अंतरराष्ट्रीय बचाव विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों और उत्तराखंड सरकार की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए उनकी गहरी सराहना करता हूं।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘देश के लिए यह बहुत अच्छी खबर है कि उत्तरकाशी में एक सुरंग में फंसे हमारे सभी 41 श्रमिक भाइयों को सुरक्षित और स्वस्थ बचा लिया गया है। सुरंग में इतने लंबे समय तक ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करने के लिए राष्ट्र उनके(श्रमिकों) साहस को सलाम करता है। उन सभी लोगों और एजेंसियों को मेरा हार्दिक आभार जिन्होंने हमारे साथी नागरिकों की जान बचाने के लिए अथक प्रयास किए हैं।’

केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने इस पूरे ऑपरेशन की निरंतर निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर दिशानिर्देश देने व सहयोग करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। साथ ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि वे तो वहां डेरा ही डालकर बैठ गए और सभी मजदूरों के सकुशल बाहर आने तक रहे। वहीं इस कार्य में जुटे सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों और इंजीनियरों का भी उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया।

उन्होंने आगे लिखा कि यह कई एजेंसियों द्वारा हाल के वर्षों में संयुक्त रूप से किया गया सबसे महत्वपूर्ण बचाव कार्यों में से एक था। विभिन्न विभागों और एजेंसियों ने कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद एक-दूसरे के पूरक बने। सभी के अथक और ईमानदार प्रयासों, सभी से प्रार्थना के साथ मिलकर, इस ऑपरेशन को संभव बना दिया है। बचाव दलों के समर्पित प्रयासों के अनुकूल परिणाम मिले हैं।

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