आधार कार्ड के बिना सरकारी अस्पतालों में इलाज पर रोक से तेलंगाना हाईकोर्ट नाराज़
तेलंगाना हाईकोर्ट ने आधार कार्ड के बिना सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधाएं उपलब्ध न कराए जाने पर कड़ी नाराज़गी जताई है और इस मामले में राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति जी.एम. मुहीउद्दीन की पीठ ने सरकार से सवाल किया कि प्राथमिकता आपातकालीन स्थिति की है या आधार कार्ड की।
हाईकोर्ट में के. राजू नामक व्यक्ति ने जनहित याचिका दायर कर शिकायत की कि, अनुसूचित जाति से संबंधित एक नाबालिग लड़की को केवल इस कारण एंबुलेंस सेवा नहीं दी गई क्योंकि उसके पास आधार कार्ड नहीं था। मेडिकल इमरजेंसी होने के बावजूद एंबुलेंस उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया गया।
मुख्य न्यायाधीश ने सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति सड़क पर बेसुध हालत में पड़ा मिले, तो क्या पहले उसे अस्पताल ले जाया जाएगा या पहले आधार कार्ड की जांच की जाएगी। अदालत ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता ने बताया कि दिसंबर 2024 में यह घटना हुई थी, जब 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने केवल आधार कार्ड न होने के कारण लड़की को अस्पताल ले जाने से मना कर दिया और कोई सहायता नहीं की।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आधार कार्ड के अभाव में मेडिकल सेवाएं न देना एक गंभीर विफलता है और यह स्पष्ट किया कि बिना किसी दस्तावेज़ के भी सभी आपातकालीन मरीजों को इलाज की सुविधाएं दी जानी चाहिएमेडिकल और स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया गया है। इस शर्त पर अदालत ने गहरी चिंता व्यक्त की और सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति दुर्घटना का शिकार हो और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता हो, तो क्या ऐसे में आधार कार्ड न होने पर इलाज नहीं किया जाएगा? इस पर सहायक सरकारी वकील ने बताया कि ऐसे मामलों में आधार कार्ड के बिना भी इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
इसके अलावा, मुख्य न्यायाधीश ने एक अन्य मामले में एक अधिवक्ता द्वारा भेजे गए पत्र को जनहित याचिका में परिवर्तित करते हुए उसकी सुनवाई करने का निर्णय लिया। अधिवक्ता ने शिकायत की थी कि महबूबाबाद जिले में एक गरीब मरीज को आधार कार्ड न होने के कारण सरकारी अस्पताल में इलाज से वंचित रखा गया। अदालत ने इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।


popular post
रोहित पवार ने चाचा अजित पवार की मौत पर उठाए गंभीर सवाल
रोहित पवार ने चाचा अजित पवार की मौत पर उठाए गंभीर सवाल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
संयुक्त अरब अमीरात ने इस्राईली नागरिकों को वीज़ा देना किया शुरू
कुछ दिनों पहले इस्राईल के साथ अपने संबंधों को सार्वजनिक कर कई समझौते पर हस्ताक्षर
4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस
4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस हर देश किसी न किसी तारीख़ को नौसेना दिवस मनाया
कल से शुरू होगी टी-20 सीरीज, जानिए कितने बजे खेला जाएगा मैच
भारतीय टीम फ़िलहाल अपने ऑस्टेलिया के दौरे पर है जहाँ पर अब तक एकदिवसीय सीरीज़
कुछ हफ़्तों में मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन आने की उम्मीद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
कोरोना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह एक सर्वदलीय बैठक की. पीएम मोदी ने
महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में लगा तगड़ा झटका, सिर्फ एक सीट पर मिल सकी जीत
महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में तगड़ा झटका लगा है. विधान परिषद की
5वें दौर की बैठक: किसानों का दो टूक जवाब हम सरकार से चर्चा नहीं, बल्कि ठोस जवाब चाहते हैं वो भी लिखित में,
कृषि कानूनों को लेकर पिछले 9 दिनों से धरने पर बैठे किसानों के साथ केंद्र
रूस की नसीहत, वेस्ट बैंक में एकपक्षीय कार्रवाई से बचे इस्राईल
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने मेडिटरेनीयन डायलॉग्स बैठक को संबोधित करते हुए कहा