मायावती ने आगामी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने गुरुवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी देश भर में होने वाले सभी चुनाव, जिनमें 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भी शामिल हैं, अकेले लड़ेगी और राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। अपनी 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने स्पष्ट किया कि बीएसपी इस बार उत्तर प्रदेश में दोबारा सत्ता में आने के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी।
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मीडिया को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि इस फैसले को लेकर किसी भी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए कि बहुजन समाज पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि पार्टी को यह भरोसा हो जाए कि कोई सहयोगी दल अपने वोट, विशेष रूप से उच्च जातियों के वोट, प्रभावी ढंग से बीएसपी को स्थानांतरित कर सकता है, तो गठबंधन पर सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है, लेकिन ऐसी स्थिति बनने में समय लगेगा।
मायावती ने समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार और वर्तमान भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि दोनों ही दलितों और वंचित वर्गों की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे हैं और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों के चलते उत्तर प्रदेश की जनता एक बार फिर बीएसपी के चार कार्यकालों की सरकार को याद कर रही है और पार्टी को दोबारा सत्ता में लाने का मन बना चुकी है। उन्होंने भाजपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि बीएसपी उन्हें करारा जवाब देगी और राज्य में पांचवीं बार अपनी सरकार बनाएगी।
मायावती ने यह आरोप भी लगाया कि, केंद्र और राज्य में आने वाली सरकारें बीएसपी शासनकाल में शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं के केवल नाम बदलकर राजनीतिक लाभ उठा रही हैं, जबकि जनता को वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि जाति आधारित पार्टियां बीएसपी आंदोलन को कमजोर करने की हर संभव कोशिश कर रही हैं। दलित नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मायावती ने कहा कि जब तक वे जीवित और स्वस्थ रहेंगी, दलितों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेंगी। उन्होंने कहा, “न तो मैं झुकूंगी और न ही डराई जा सकती हूं। मैं कांशीराम द्वारा दी गई जिम्मेदारी को निभाती रहूंगी।”
वोटिंग मशीनों पर उठाया सवाल
मायावती ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि, पिछले चुनावों में धांधली और बेईमानी हुई है। हालांकि उन्होंने कहा कि इसके बावजूद बीएसपी पूरी मजबूती के साथ देश भर में चुनाव लड़ती रहेगी। उनके अनुसार ईवीएम के विरोध में देश भर में आवाज तेज हो रही है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर बीएसपी के संस्थापक कांशीराम की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके निधन पर ‘राष्ट्रीय शोक’ की घोषणा नहीं की गई।
मायावती ने मुसलमानों और अन्य वर्गों के साथ हुई कथित नाइंसाफियों का भी उल्लेख करते हुए दावा किया कि बीएसपी के शासनकाल में कोई भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ और सभी वर्गों, जिनमें यादव समुदाय भी शामिल है, का पूरा ध्यान रखा गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे और गौतम बुद्ध नगर में निर्माणाधीन हवाई अड्डे सहित बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की रूपरेखा बीएसपी शासन के दौरान ही तैयार की गई थी, लेकिन उस समय केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार के सहयोग न मिलने के कारण ये योजनाएं पूरी नहीं हो सकीं।
उल्लेखनीय है कि मायावती के जन्मदिन के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। इसी मौके पर उन्होंने अपनी पुस्तक ‘ब्लू बुक’ के 21वें संस्करण का भी विमोचन किया। इस अवसर पर बीएसपी ने पूरे प्रदेश में इस दिन को ‘जन कल्याणकारी दिवस’ के रूप में मनाया।


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