केजरीवाल की गिरफ्तारी, चुनावी बॉन्ड घोटाले से ध्यान भटकाने की कोशिश: पी विजयन

केजरीवाल की गिरफ्तारी, चुनावी बॉन्ड घोटाले से ध्यान भटकाने की कोशिश: पी विजयन

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि चुनावी बॉन्ड घोटाला भारत में अब तक का सबसे भ्रष्टाचार है। इससे ध्यान भटकाने के लिए ही केंद्र सरकार ने केजरीवाल को गिरफ्तार करवा लिया। सीएए के खिलाफ सीपीआईएम द्वारा आयोजित तीसरी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा देश में कानून के शासन को बिलकुल महत्व नहीं देते हैं। संघ परिवार संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जे ने की कोशिश कर रहा है।

विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के खिलाफ रविवार को कन्नूर में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) द्वारा आयोजित तीसरी रैली को संबोधित करते हुए, विजयन ने आरोप लगाया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और संघ परिवार देश में कानून के शासन को बहुत कम महत्व देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ परिवार संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है और यहां तक कि देश की न्यायपालिका को भी धमका रहा है।

विजयन ने कहा कि चुनावी बॉन्ड का विचार जब सामने आया तो हमने विरोध किया क्योंकि यह भ्रष्टाचार का एक माध्यम है। उन्होंने सवाल पूछा कि भाजपा को इस तरह के घोर भ्रष्टाचार में शामिल होने की हिम्मत कैसे मिली? उन्होंने (भाजपा) सोचा कि उनसे कभी पूछताछ नहीं की जाएगी। विजयन ने कहा कि केजरीवाल की गिरफ्तारी से संघ परिवार यह संदेश देना चाह रहा था कि वे देश के कानून से ऊपर हैं और अपने एजेंडे को लागू करने के लिए कुछ भी करेंगे।

विजयन ने कहा, ‘‘ केंद्र सरकार, बीजेपी, संघ परिवार, ये सभी अच्छी तरह से जानते हैं कि चुनावी बॉन्ड घोटाले पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश उनके खिलाफ था। वे इस विषय से ध्यान भटकाना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया है।” केरल के मुख्यमंत्री ने कहा कि जब चुनावी बॉन्ड का विचार आया था तो सीपीएम ने इसका विरोध किया था क्योंकि यह भ्रष्टाचार का एक उपकरण था और इसके खिलाफ उसने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

विजयन ने अनुराग ठाकुर के कुछ बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके विवादित टिप्पणियों के कारण केरल में ही उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कांग्रेस पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश सीएए का विरोध कर रहा था तो कांग्रेस अध्यक्ष भोज में भाग ले रहे थे। विरोध के दौरान एक भी कांग्रेस नेता नहीं था। राहुल खुद विदेश में थे। वामपंथी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि संघ परिवार ने दिल्ली में सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा की और केंद्र की बीजेपी सरकार ने दंगाइयों को मौन अनुमति दे दी। उन्होंने कहा, ‘‘ दंगों में लगभग 53 लोग मारे गए, कई लापता हो गए, सैकड़ों से अधिक घायल हो गए। संघ परिवार द्वारा की गई हिंसा में कई मुसलमानों के घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों पर हमला किया गया। विजयन ने कहा कि सीएए आरएसएस का एजेंडा है जिसे बीजेपी सरकार लागू कर रही है।

वाम दल राज्य में पांच स्थानों पर सीएए विरोधी रैलियां आयोजित कर रहा है। पहली रैली 22 मार्च को कोझिकोड में हुई थी। शनिवार को कासरगोड जिले में एक रैली आयोजित की गई थी। आने वाले दिनों में मलप्पुरम और कोल्लम में दो और रैलियां आयोजित की जाएंगी।

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