‘इंडिया गठबंधन’ एकजुट रहता तो बीजेपी 20 से अधिक सीट नहीं जीत पाती: रोहित पवार
एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) विधायक रोहित पवार ने शनिवार को कहा कि विपक्षी ‘इंडिया गठबंधन’ के घटक दल, दिल्ली विधानसभा में अपने अहम को दूर रखने में नाकाम रहे, जिसके चलते आखिरकार भाजपा को दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत हासिल हुई। बीजेपी को जीत की बधाई, लेकिन सवाल वही रहेगा- क्या दिल्ली को और अच्छे स्कूल, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, साफ हवा और स्वच्छ यमुना मिलेगी? उम्मीद है कि अब सीएम और एलजी आपसी टकराव छोड़कर जनता से किए गए वादों को पूरा करने पर ध्यान देंगे।
उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों पर गौर करने से यह स्पष्ट है कि अगर ‘इंडिया गठबंधन’’ एकजुट रहता तो बीजेपी 20 से अधिक सीट नहीं जीत पाती। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले, बीजेपी से मुकाबला करने के लिए कई विपक्षी दलों ने ‘इंडिया’ गठबंधन बनाया था। दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में बीजेपी ने 48 सीट पर जीत हासिल की है। आम आदमी पार्टी ने 20 सीट पर जीत दर्ज की, जबकि लगातार तीसरी बार कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला।
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में कर्जत जामखेड से विधायक पवार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि इस चुनाव में 15 से अधिक सीट पर बीजेपी उम्मीदवारों की जीत का अंतर तीसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार को मिले वोट से कम है।
इसके अलावा, उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में दिल्ली चुनाव परिणाम लेकर कहा, “नतीजा वाकई चौंकाने वाला है। आम आदमी पार्टी खासकर मनीष सिसोदिया ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐसा काम किया, जिसे पूरे देश में एक मिसाल के तौर पर देखा गया। इसके बावजूद अगर उन्हें हार मिली है, तो ये सिर्फ एक चुनावी नतीजा नहीं, बल्कि विकास बनाम सत्ता और ताकत की राजनीति की लड़ाई में विकास की हार जैसा लगता है।
इसके आगे उन्होंने कहा, “चुनावी हार से परे, इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता कि AAP ने शिक्षा के बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के वादों पर सफलता प्राप्त की है। चाहे मॉडल स्कूल हों या मोहल्ला क्लीनिक, दिल्ली के मतदाता निश्चित रूप से विकास की रूपरेखा में सोचने के लिए प्रेरित हुए, जो किसी भी पार्टी के लिए एक दुर्लभ राजनीतिक उपलब्धि है।