सरकार ही क्या पूरा सिस्टम फ़ेल हो चुका, लड़ाई केवल महामारी से लड़नी है: सोनिया गांधी

Covid-19 In India: देश में दिन प्रतिदिन कोरोना (Covid-19) को लेकर हालात बिगड़ते जा रहे हैं, आईआईटी की रिपोर्ट पर अगर यक़ीन किया जाए तो अप्रैल महीने के मुक़ाबले में मई में हालात और भी भयावह होने वाले हैं।

कहा जा रहा है कि मई महीने में हर दिन 5 से 6 हज़ार मौतें हो सकती हैं, लेकिन सवाल यह है कि इस स्तिथि से निपटने के लिए मोदी सरकार क्या प्लान बना रही है!।

इस पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने सभी राजनीतिक दलों को एकसाथ आकर इस महामारी के महासंकट से लड़ने की सलाह दी है।

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा कि हमारी पार्टी हमेशा से ही मोदी सरकार के सहयोग के लिए तैयार रही है।

इस समय सभी राजनीतिक दलों को अपने आपसी मतभेद भुला कर ऊपर उठ देश में चल रही भयावह महामारी से लड़ने की ज़रूरत है। साथ ही मोदी सरकार को यह समझना चाहिए कि यह लड़ाई राजनीतिक दलों की नहीं बल्कि इस ख़तरनाक महामारी के विरुद्ध है।

भारत में कोरोना की वजह से जो हालात बने हुए हैं वह केवल सरकार का ही नहीं बल्कि पूरे सिस्टम का फ़ेलियर दर्शा रहा है।

उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि कोरोना से लड़ते समय राजनीतिक दलों की आपसी लड़ाई बीच में नहीं आनी चाहिए बल्कि यह लड़ाई केवल इस महामारी के ख़िलाफ़ होनी चाहिए।

मेरा मानना है कि कोरोना से लड़ते वक्त राजनीतिक दलों की आपसी लड़ाई बीच में नहीं आनी चाहिए। अपने बयान में सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि देश में आए कोरोना महा संकट से निपटने के लिए मोदी सरकार द्वारा उठाए जा रहे बहुत सारे क़दमों में कमियां हैं।

विपक्षी दल होने की वजह से हमारी भूमिका और भी ज़्यादा अहम हो जाती है।

इस कठिन परिस्थिति में मोदी सरकार को देश के सवालों में आक्सीजन की उपलब्धता और कोरोना वैक्सीन की काला बाज़ारी पर रोक लगाने के साथ साथ स्वास्थ्य सुविधाओं का पुख़्ता बंदोबस्त करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

ग़ौरतलब है कि भारत में प्रतिदिन लाखों की तादाद में कोरोना के नए मामले निकल रहे हैं, ऐसे में सरकार इस भयावह स्थिति से निपटने में बेबस नज़र आ रही है।

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