स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए खुद पहुंचीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल में बीती रात जबरदस्त नाटक, विरोध-प्रदर्शन और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला देखने को मिला। हालात यहां तक पहुंच गए कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को खुद स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए पहुंचना पड़ा। वह लगभग 4 घंटे तक स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने और विरोध प्रदर्शन पर बैठी रहीं।
इससे पहले देर रात All India Trinamool Congress (टीएमसी) ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में टीएमसी ने स्ट्रॉन्ग रूम में पोस्टल बैलेट के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया, जिसके बाद पार्टी नेताओं का संबंधित स्थान पर पहुंचना शुरू हो गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी वहां पहुंच गईं और धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया।
मामला बढ़ने पर Election Commission of India(चुनाव आयोग) को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। इस दौरान राज्य में भारी राजनीतिक हलचल देखी गई, जो देर रात तक जारी रही।
रिपोर्टों के अनुसार, गुरुवार शाम तक सब कुछ सामान्य था। फिर राजनीतिक दलों को एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें सूचना दी गई कि शाम 4 बजे स्ट्रॉन्ग रूम खोला जाएगा। जानकारी मिलते ही टीएमसी नेता कनाल घोष और शशि पांजा मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस पर टीएमसी ने संदेह जताते हुए कहा कि पार्टी प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बिना पोस्टल बैलेट और पिंक पेपर खोलना लोकतंत्र के खिलाफ है। पार्टी ने इसका वीडियो भी साझा किया, जिसके बाद इलाके में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया।
कनाल घोष और शशि पांजा स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर ही धरने पर बैठ गए और कुछ ही देर में ममता बनर्जी भी वहां पहुंच गईं। मुख्यमंत्री की अपील पर बड़ी संख्या में टीएमसी समर्थक पहले से ही वहां मौजूद थे और ममता के पहुंचने से उनमें और उत्साह भर गया।
वह Sakhawat Memorial Government Girls’ High School में बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं और लगभग 4 घंटे तक वहीं रहीं। इसी स्कूल में भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम मशीनें रखी गई हैं, जहां से ममता बनर्जी स्वयं उम्मीदवार हैं। स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर आने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोका। हालांकि, जब उन्होंने कहा कि चुनावी नियमों के अनुसार उन्हें सील किए गए कमरे के बाहर तक जाने का अधिकार है, तो उन्हें अनुमति दे दी गई।
ममता बनर्जी ने कई स्थानों पर अनियमितताओं का दावा करते हुए कहा कि अगर कोई गड़बड़ी हुई तो वह Bharatiya Janata Party (भाजपा) को सबक सिखाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई ईवीएम मशीनें छीनने की कोशिश करेगा, तो वह पूरी ताकत से मुकाबला करेंगी।
टीएमसी के आक्रामक रुख, धरने और आरोपों के बीच कई घंटों तक माहौल गर्म रहा। इस दौरान टीएमसी और भाजपा समर्थकों के बीच कई बार झड़प की स्थिति बनी, जिसे सुरक्षा बलों के हस्तक्षेप से टाल दिया गया, लेकिन तीखी बयानबाजी का सिलसिला जारी रहा। इसी बीच कनाल घोष ने कहा कि यह तय हुआ था कि सूचना दिए बिना स्ट्रॉन्ग रूम की सील नहीं तोड़ी जाएगी, फिर ऐसा क्यों किया गया? उन्होंने भाजपा को भी निशाने पर लिया।
इस बीच टीएमसी के आरोपों पर चुनाव आयोग को रात में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी। आयोग ने ममता बनर्जी के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम में रखे बैलेट्स की जांच की जा रही थी, जो एक सामान्य प्रक्रिया है, और इसकी पूर्व सूचना सभी राजनीतिक दलों को दे दी गई थी। बैलेट बॉक्स के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है।
आयोग ने यह भी बताया कि Khudiram Anushilan Kendra के सभी 7 स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं, जबकि पोस्टल बैलेट्स की छंटनी का काम एक अलग कमरे में चल रहा था।


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