अंबेडकर ने मनुस्मृति फाड़कर गलत किया: रामभद्राचार्य

अंबेडकर ने मनुस्मृति फाड़कर गलत किया: रामभद्राचार्य

अपने विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहने वाले जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए समान नागरिक सहिंता (UCC), मोहन भागवत और देश में चल रहे अंबेडकर के मुद्दे पर बयान दिया है। एबीपी न्यूज से एक्सक्लूसिव बात करते हुए रामभद्राचार्य ने कहा कि बहुत से हिंदू धर्म के लोग इधर-उधर चले गए हैं, उन्हें वापस अपने घर में बुला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस देश को समान नागरिक सहिंता हर हाल में चाहिए। जो भी नियम बनें वो सबके लिए हों, चाहे वो हिंदू हों या मुस्लिम। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि वो (मुस्लिम) 25-25 बच्चे पैदा करते रहें और हिंदुओं पर प्रतिबंध लगाए जाएं।

अंबेडकर मुद्दे पर उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने ही उनसे इस्तीफा दिलवाया था। उन्होंने कहा कि हम तो अंबेडकर का सम्मान करते हैं, नेहरू ने ही उनका उत्पीड़न किया था, उनको हरवाया गया। उन्होंने कहा, “अंबेडकर ने मनुस्मृति फाड़कर गलत किया। उसमें कहीं भी ऊंच-नीच की बात नहीं की गई थी। उसमें नारी का सम्मान किया गया है।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य से पूछा गया कि 22 से 25 करोड़ की आबादी वाले मुस्लिम कहां जाएं? इस पर उन्होंने कहा, “मुस्लिम कहीं नहीं जाएं, यहीं रहें, लेकिन हमारे अस्तित्व का सम्मान करते हुए रहें. मैंने कभी नहीं कहा कि ये देश मुसलमानों का नहीं ह। हिंदुओं का अस्तित्व मिटाकर उन्हें रहने की अनुमित नहीं दी जा सकती।”

मोहन भागवत को दूसरे लोगों से कहना चाहिए कि, वे भी बड़ा दिल दिखाएं
रामभद्राचार्य ने कहा, “जहां-जहां सर्वे होगा हम वहां-वहां दावा करेंगे। उनके भी बड़ा दिल दिखाना चाहिए, वो हमारे मंदिरों को हमे सौंप दें। हमने हिंदुओं को कह रखा है कि अपना अधिकार लो। किसी का नुकसान मत करो। हम किसी पर अत्याचार करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। मोहन भागवत को भी उन लोगों (मुस्लिम) को कह देना चाहिए कि वे भी बड़ा दिल दिखाएं। हमसे ही बड़ा दिल दिखाने के लिए क्यों कहा जाता है।

बता दें कि, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि, हमें हर मस्जिद के नीचे मंदिर नहीं खोजना चाहिए। ऐसा करने से देश का आपसी सौहार्द बिगड़ जाएगा। उन्होंने कहा था कि, कुछ लोग समझते हैं कि इस तरह का काम करके वह हिन्दुओं के नेता बन जाएंगे। इस पर टिप्पड़ी करते हुए रामभद्राचार्य ने कहा था कि, मोहन भागवत तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं।

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