न्यूयॉर्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के न्यूयॉर्क में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शनिवार को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम के खिलाफ 61 धार्मिक और सेक्युलर संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। विरोध करने वाले संगठनों का कहना है कि RSS की हिंदुत्व विचारधारा को अमेरिका में रहने वाले सभी हिंदुओं की आवाज के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता।
इस कार्यक्रम का आयोजन अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (AHEAD) फोरम की ओर से किया जा रहा है। आयोजकों की तरफ से इसे बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है।
‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुनीता विश्वनाथ के मुताबिक, 61 अलग-अलग धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष संगठनों ने भागवत के कार्यक्रम के विरोध में एक खुले पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इन संगठनों का कहना है कि वे इस कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि RSS की विचारधारा उनका प्रतिनिधित्व नहीं करती।
विरोध में शामिल समूहों में मानवाधिकार, अल्पसंख्यक अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े संगठनों के अलावा कुछ हिंदू संगठन भी शामिल हैं। इनका आरोप है कि भागवत को अमेरिका में बसे पूरे हिंदू समुदाय की सामूहिक आवाज के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
कार्यक्रम के विरोध में मंगलवार को न्यूयॉर्क सिटी हॉल के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई थी। इसमें ‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’, ‘इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल’ और ‘इंटरफेथ सेंटर ऑफ न्यूयॉर्क’ सहित कई धार्मिक एवं नागरिक अधिकार संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
इन संगठनों ने कार्यक्रम को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई और निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक भागवत का आयोजन मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हो रहा है।
मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी भी अपनी असहमति जाहिर कर चुके हैं। मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि वह इस आयोजन का समर्थन नहीं करते।
हालांकि, ममदानी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी निजी कार्यक्रम को सीधे रद्द कराने का अधिकार उनके पास संभवतः नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने सार्वजनिक रूप से आयोजन के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया।
भागवत के कार्यक्रम का विरोध सिर्फ स्थानीय संगठनों तक सीमित नहीं है। धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़े एक अमेरिकी पैनल की ओर से भी आयोजन पर रोक लगाने की मांग की गई है।
इस पूरे विवाद के बीच शनिवार को मैडिसन स्क्वायर गार्डन के आसपास विरोध प्रदर्शन होने की संभावना है। विरोध करने वाले संगठनों का कहना है कि उनका मकसद हिंदू धर्म का विरोध करना नहीं, बल्कि यह संदेश देना है कि हिंदू समुदाय के भीतर विचारों की विविधता है और RSS को सभी हिंदुओं का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।
मोहन भागवत का यह अमेरिकी दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब RSS की विचारधारा और हिंदुत्व को लेकर अमेरिका में भी बहस तेज है। न्यूयॉर्क का यह कार्यक्रम इसी व्यापक बहस का नया केंद्र बन गया है।


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