अमेरिका ने बहाने से हड़पी अफ़ग़ान संपदा, तालिबान ने बताया चोर

अमेरिका ने बहाने से हड़पी अफ़ग़ान संपदा, तालिबान ने बताया चोर

अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने अमेरिका को अफ़ग़ानिस्तान की जनता के पैसों का चोर बताया है। मेहर न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार तालिबान के राजनीतिक मामलों के प्रवक्ता मोहम्मद नईम ने जो बाइडन पर आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरीकी राष्ट्रपति ने संयुक्त राज्य अमेरिका में अफ़ग़ानिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार के आधे हिस्से पर क़ब्ज़ा कर रखा है।

तालिबान प्रवक्ता ने अपने एक ट्वीट में लिखा कि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा इस तरह धन चोरी करना किसी भी देश के मानवीय और नैतिक पतन के निम्नतम स्तर को दर्शाता है। तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि मानव इतिहास और जीवन में विफ़लता और जीत समान्य है लेकिन सबसे शर्मनाक हार यह है कि सैन्य और नैतिक हार साथ साथ हो।

इससे पहले जानकर सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी सरकार ने निर्णय लिया है कि अफ़ग़ानिस्तान के लोगों की मदद के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ़ अफ़ग़ानिस्तान में जमा की गई 7 बिलियन डॉलर में से आधी रक़म देगा जबकि बाक़ी जमा पैसा आतंकवाद का शिकार हुए लोगों की शिकायत दूर करने के लिए अमेरिका ही में रहेगा।

अफ़ग़ानिस्तान के पास ब्रिटेन, जर्मनी, स्विटज़रलैंड और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में 2 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है, जिसमें से अधिकांश को फ्रीज़ कर दिया गया है। अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद, वाशिंगटन ने अमेरिकी बैंकों में देश के वित्तीय संसाधनों को अवरुद्ध कर दिया, जिससे तालिबान और अन्य अधिकारियों द्वारा विरोध जारी है।

बता दें कि बाइडन प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अमेरिकी सरकार 9/11 के हमलों के पीड़ितों को मुआवजा देने और राहत प्रयासों के लिए फ्रिज किए गए 7 अरब डॉलर के अफगान फंड्स का आधा हिस्सा इस्तेमाल करेगी। फ्रिज किया गया बाकी पैसा अफगानियों पर खर्च होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यह फैसला किया है।

पिछले साल तालिबान के सत्ता में आने के बाद वाशिंगटन ने पैसा फ्रिज कर दिया था। अमेरिका पर आतंकवादियों की सहायता के बिना इसका इस्तेमाल करने का तरीका खोजने का दबाव रहा है। तालिबान के एक प्रवक्ता ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे “चोरी” और “नैतिक पतन” का संकेत बताया है।

शुक्रवार को बाइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एक तृतीय-पक्ष 3.5 बिलियन डॉलर का ट्रस्ट फंड स्थापित किया जाएगा। इस पैसे से अफगान लोगों की तत्काल मानवीय जरूरतों को पूरा किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इसका लाभ सीधे तालिबान को नहीं मिले। अधिकारी ने कहा कि हमने इस बारे में कोई विशेष निर्णय नहीं लिया है कि धन का उपयोग कैसे किया जाएगा। धन उपलब्ध होने में महीनों का समय लगेगा। एक न्यायिक निर्णय लंबित है। अधिकारी ने कहा कि बाकी पैसा अमेरिका में रहेगा

 

popular post

ईरान ने फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के हिंसक दमन से बचने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया

ईरान ने फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के हिंसक दमन से बचने की आवश्यकता पर ज़ोर

संयुक्त अरब अमीरात ने इस्राईली नागरिकों को वीज़ा देना किया शुरू

कुछ दिनों पहले इस्राईल के साथ अपने संबंधों को सार्वजनिक कर कई समझौते पर हस्ताक्षर

4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस

4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस हर देश किसी न किसी तारीख़ को नौसेना दिवस मनाया

कल से शुरू होगी टी-20 सीरीज, जानिए कितने बजे खेला जाएगा मैच

भारतीय टीम फ़िलहाल अपने ऑस्टेलिया के दौरे पर है जहाँ पर अब तक एकदिवसीय सीरीज़

कुछ हफ़्तों में मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन आने की उम्मीद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

कोरोना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह एक सर्वदलीय बैठक की. पीएम मोदी ने

महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में लगा तगड़ा झटका, सिर्फ एक सीट पर मिल सकी जीत

महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में तगड़ा झटका लगा है. विधान परिषद की

5वें दौर की बैठक: किसानों का दो टूक जवाब हम सरकार से चर्चा नहीं, बल्कि ठोस जवाब चाहते हैं वो भी लिखित में,

कृषि कानूनों को लेकर पिछले 9 दिनों से धरने पर बैठे किसानों के साथ केंद्र

रूस की नसीहत, वेस्ट बैंक में एकपक्षीय कार्रवाई से बचे इस्राईल

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने मेडिटरेनीयन डायलॉग्स बैठक को संबोधित करते हुए कहा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *