अल-मोख़ा में बिजली की रफ़्तार से बढ़त; अंसारुल्लाह बाब-अल-मंदब के द्वार तक पहुँचा

अल-मोख़ा में बिजली की रफ़्तार से बढ़त; अंसारुल्लाह बाब-अल-मंदब के द्वार तक पहुँचा

मीडिया सूत्रों ने यमन के अल-मोख़ा  क्षेत्र में यमनी बलों की तेज़ी से आगे बढ़ने की खबर दी है। यह बढ़त उत्तर दिशा से समुद्र तट तक और पूर्व दिशा से अअल-मोख़ा हवाई अड्डे तक पहुँच गई है। जारी की गई तस्वीरों में विभिन्न मोर्चों पर सऊदी समर्थित लड़ाकों के भागने और उनके मोर्चों के बिखरने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। मीडिया सूत्रों ने आज गुरुवार को बताया कि, यमनी बल उत्तर दिशा से अल-मोख़ा के तटीय क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं और पूर्व दिशा से आगे बढ़ते हुए अल-मोख़ा हवाई अड्डे तक पहुँच गए हैं।

सऊदी अरब के क़रीब माने जाने वाले कुछ मीडिया सूत्रों ने भी रिपोर्ट दी है कि यमनी सशस्त्र बलों ने लाल सागर के रणनीतिक बंदरगाह अल-मोख़ा पर नियंत्रण कर लिया है। हालांकि, पिछले कुछ घंटों के दौरान सऊदी पक्ष ने ताइज़, अल-हुदैदाह, अल-जौफ़ और मारिब प्रांतों में लगभग 40 हवाई हमले किए, ताकि सना के बलों की आगे बढ़ने की क्षमता को मुश्किल बनाया जा सके।

सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने भी यमन के विभिन्न मोर्चों पर सऊदी समर्थित लड़ाकों के मोर्चे छोड़कर भागने और उनके सैन्य ढाँचे के बिखरने की तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं।

आज सुबह यमनी सशस्त्र बलों ने अल-मोखा के सामने स्थित कुछ द्वीपों, जिनमें ज़ुकर द्वीप भी शामिल है, पर हमला किया और सऊदी समर्थित पक्ष के जमावड़ों को निशाना बनाया। इसके बाद उन्होंने धू बाब क्षेत्र की ओर हमला शुरू किया और इस क्षेत्र से सऊदी समर्थित लड़ाकों की वापसी को दर्ज किया गया।

इसके बाद यमनी सूत्रों ने बताया कि सऊदी समर्थित लड़ाकों ने सामूहिक रूप से धू बाब से अदन की दिशा में पीछे हटना शुरू कर दिया है। यह वापसी ऐसे समय हुई जब यमनी सशस्त्र बल इस क्षेत्र के क़रीब पहुँच रहे थे।

यमन में अल-अहद चैनल के संवाददाता ने आज अपनी रिपोर्ट में कहा कि सऊदी अरब यमनियों के बीच विभाजन पैदा करने वाला मुख्य पक्ष है और तटवर्ती क्षेत्रों में अंसारुल्लाह की बढ़त एक अप्रत्याशित जीत थी। उन्होंने कहा कि यमनी सशस्त्र बल और स्थानीय अधिकारी इस समय इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की वापसी के लिए रास्तों को सुरक्षित बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषक रियाज़ अल-वहीली ने अल-अहद से बातचीत में कहा कि, सऊदी अरब ने अपने समर्थित लड़ाकों के साथ यमन पर आक्रमण की शुरुआत बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य से उनका ध्यान हटाने के प्रयास के साथ की थी। उनके अनुसार, यह अभियान क्षेत्र में ट्रंप की कथित विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए अमेरिकी दबाव के बीच आगे बढ़ाया गया।

उन्होंने कहा कि, सना द्वारा हासिल की जा रही जीतें यह निर्धारित करेंगी कि बाब-अल-मंदब पर किसका नियंत्रण रहेगा। हालांकि, अमेरिका सऊदी अरब और उसके समर्थित लड़ाकों के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, ताकि यमनी सशस्त्र बलों को बाब-अल-मंदब के क्षेत्रों से दूर रखा जा सके।

इस विश्लेषक ने आगे कहा कि, अल-मोख़ा का महत्व इसकी दक्षिणी अल-हुदैदाह में स्थित रणनीतिक स्थिति के कारण है और जो भी इस पर नियंत्रण करता है, वह बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की स्थिति में आ जाता है। उनके अनुसार, अल-मोख़ा पर नियंत्रण सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के प्रभाव तथा क्षेत्र में इस्राईल-अमेरिका की योजना के लिए एक बड़ा झटका है।

उन्होंने अपने बयान के एक अन्य हिस्से में कहा कि यमन युद्ध में इस्राईली विमान अमेरिका और सऊदी अरब के समर्थन के साथ भाग ले रहे हैं। उनका कहना था कि, यमनी सशस्त्र बलों की जीतें सोमालिया और जिबूती में यमन के सामने वाले तट पर इस्राईल की मौजूदगी को अस्थिर कर सकती हैं। इसलिए इस्राईली पक्ष सऊदी अरब और उसके समर्थित लड़ाकों की मदद कर रहा है, ताकि यमन के तटीय क्षेत्रों के पतन को रोका जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, ताइज़ प्रांत के लगभग घिर जाने की स्थिति को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि, अल-मोख़ा और धू बाब के बाद अगला लक्ष्य ताइज़ हो सकता है। ताइज़ प्रांत में केवल यही तीन क्षेत्र शेष हैं और यदि इन पर भी पूरी तरह नियंत्रण स्थापित हो जाता है, तो पूरा प्रांत अंसारुल्लाह के नियंत्रण में आ जाएगा।

अलमोखा से अनौपचारिक वापसी का तारिक़ सालेह को आदेश

आज यह भी खबर सामने आई कि पश्चिमी यमन के तटीय क्षेत्र में सऊदी समर्थित बलों के कमांडर तारिक़ सालेह ने अल-मोख़ा में अपने सैनिकों को अपनी पंक्तियों का पुनर्गठन करने और गठबंधन बलों की भागीदारी के साथ किसी सुरक्षित स्थान पर एक वैकल्पिक कमांड सेंटर स्थापित करने का आदेश दिया है। विश्लेषकों ने इस आदेश को अल-मोख़ा बंदरगाह से अनौपचारिक वापसी और धू बाब में नई संघर्ष रेखाएँ स्थापित करने के संकेत के रूप में देखा है। उनका कहना है कि, अल-मोख़ा में सऊदी समर्थित बलों की पंक्तियाँ बिखर गई हैं और क्षेत्र असुरक्षित हो गया है।

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