वेनेज़ुएला पर अमेरिकी आक्रमण राज्य-प्रायोजित आतंकवाद का स्पष्ट उदाहरण है: ईरान
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि और राजदूत अमीरसईद ईरवानी ने वेनेज़ुएला पर अमेरिका के सैन्य आक्रमण को राज्य-प्रायोजित आतंकवाद का स्पष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने इस आक्रमण को रोकने तथा इसके दोषियों को उत्तरदायी ठहराने के लिए संयुक्त राष्ट्र और विशेष रूप से सुरक्षा परिषद की कानूनी जिम्मेदारी पर बल दिया और वेनेज़ुएला की जनता तथा उसकी वैध और निर्वाचित सरकार के प्रति ईरान के पूर्ण और दृढ़ समर्थन की पुष्टि की।
ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीरसईद ईरावानी ने सोमवार, को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में अमेरिका द्वारा वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति के अपहरण के विषय पर संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि इस्लामी गणराज्य ईरान, संयुक्त राष्ट्र चार्टर की रक्षा हेतु गठित “मित्र समूह” की ओर से इरिट्रिया द्वारा दिए गए वक्तव्य का समर्थन करता है और इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय क्षमता में निम्नलिखित बिंदु प्रस्तुत करता है।
ईरानी राजदूत ने कहा कि इस्लामी गणराज्य ईरान, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा बोलीवारियाई गणराज्य वेनेज़ुएला पर किए गए सैन्य हमले की अत्यंत कठोर शब्दों में निंदा करता है। यह अवैध कार्रवाई राज्य-प्रायोजित आतंकवाद का स्पष्ट उदाहरण है तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर, विशेष रूप से अनुच्छेद 2 की धारा 4 और धारा 7, और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनिवार्य नियमों का घोर उल्लंघन है। यह एक अंतरराष्ट्रीय रूप से अवैध कृत्य और पूर्ण रूप से आक्रामक कार्यवाही है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र सदस्य राज्य के विरुद्ध ऐसा सैन्य आक्रमण क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है और इसके पूरे अंतरराष्ट्रीय तंत्र पर गहरे और व्यापक दुष्परिणाम होंगे। ईरान के प्रतिनिधि ने कहा कि वेनेज़ुएला के निर्वाचित राष्ट्रपति और प्रथम महिला का अमेरिका द्वारा अपहरण, प्रथागत अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है, जिसमें राष्ट्राध्यक्षों को प्राप्त प्रतिरक्षा और सम्मान से जुड़े सिद्धांत शामिल हैं। यह राज्यों की संप्रभु समानता के सिद्धांत पर एक गंभीर आघात है।
उन्होंने कहा कि इस्लामी गणराज्य ईरान, वेनेज़ुएला के आत्मरक्षा के अंतर्निहित अधिकार को स्मरण कराते हुए, संयुक्त राष्ट्र और विशेष रूप से सुरक्षा परिषद की कानूनी जिम्मेदारी पर बल देता है कि वह इस अवैध आक्रमण को तुरंत रोकने और इसके सभी दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। ईरान एक बार फिर वेनेज़ुएला की जनता और उसकी वैध व निर्वाचित सरकार के प्रति अपने पूर्ण और अडिग समर्थन की पुष्टि करता है।
तीसरे, अमेरिका स्पष्ट रूप से अपने घरेलू कानूनों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के स्थान पर थोपने का प्रयास कर रहा है। यह दृष्टिकोण अंतरराष्ट्रीय समुदाय और सभी सदस्य देशों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। इस प्रकार का अवैध आचरण, चार्टर-आधारित अंतरराष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था की मूल नींव को निशाना बनाता है और एक खतरनाक परंपरा स्थापित करता है, जिसे स्पष्ट और दृढ़ रूप से अस्वीकार किया जाना चाहिए। अमेरिका की तथाकथित “शक्ति के माध्यम से शांति” की नीति, विधि के शासन के स्थान पर बल और जंगल के कानून को बढ़ावा देती है और यदि इसे सहन या सामान्य माना गया, तो चार्टर-आधारित सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था को निष्प्रभावी और अर्थहीन बना देगी।
चौथे, अमेरिका की खुली धमकियों और आक्रामक कार्रवाइयों के प्रति सुरक्षा परिषद की निरंतर निष्क्रियता, दंडहीनता के एक खतरनाक वातावरण को जन्म दे रही है। इस स्थिति ने संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने अवैध आचरण में और अधिक निर्लज्ज बना दिया है, जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। हाल के दिनों में अमेरिका के राष्ट्रपति ने इस्लामी गणराज्य ईरान के विरुद्ध बल प्रयोग की बार-बार खुली धमकियाँ दी हैं, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2 की धारा 4 का स्पष्ट उल्लंघन है।
ईरावानी ने कहा कि इसी समय अमेरिका, ईरानी जनता के लिए दिखावटी सहानुभूति प्रकट करते हुए, पाखंडपूर्ण ढंग से उनके समर्थन का दावा करता है, जबकि उसके पास ईरान के विरुद्ध हस्तक्षेप, बल प्रयोग और अवैध एकपक्षीय दमनात्मक उपायों का एक स्पष्ट और प्रलेखित इतिहास है। इसमें 2025 में ईरान के विरुद्ध किए गए अवैध और संयुक्त आक्रामक युद्ध में ज़ायोनी शासन के साथ अमेरिका की प्रत्यक्ष राजनीतिक, सैन्य और परिचालन भागीदारी शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप नागरिकों की मृत्यु, नागरिक ढाँचों पर हमले और ईरानी जनता के मौलिक मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि इस्लामी गणराज्य ईरान, अपनी संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा तथा किसी भी विदेशी हस्तक्षेप के विरुद्ध अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने अंतर्निहित अधिकार की पुनः पुष्टि करता है। संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी अवैध धमकियों और उनसे उत्पन्न किसी भी तनाववृद्धि के सभी परिणामों की पूर्ण जिम्मेदारी वहन करेगा। अंत में, उन्होंने बिना किसी अस्पष्टता के, इस बैठक में संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिनिधि द्वारा ईरान के विरुद्ध लगाए गए निराधार आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि ज़मीनी वास्तविकताएँ पूरी तरह स्पष्ट हैं और सत्य स्वयं बोलता है, जिसे राजनीतिक बयानबाज़ी या गढ़ी हुई कथाओं से छिपाया नहीं जा सकता।


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