संयुक्त अरब अमीरात को इस्राईल का सैन्य समर्थन, इस बार उन्नत ड्रोन की आपूर्ति
इस्राईली समाचारपत्र हाआरेत्ज़ ने खुलासा किया है कि वर्ष 2021–2022 के दौरान इस्राईल ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को दर्जनों उन्नत ड्रोन और विभिन्न आधुनिक हथियार प्रणालियाँ बेचीं।
फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी की अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार, इस्राईल की सबसे बड़ी हथियार निर्माता कंपनी एलबिट सिस्टम्स (Elbit Systems) के लीक हुए आंतरिक दस्तावेज़ों से पता चलता है कि इस्राईली और अमीराती अधिकारियों के बीच अबू धाबी को अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों और हथियार प्रणालियों की बिक्री को लेकर विस्तृत वार्ताएँ हुई थीं।
इससे पहले भी हाल के महीनों में ऐसी ख़बरें सामने आई थीं कि संयुक्त अरब अमीरात में आयरन डोम वायु रक्षा प्रणाली तैनात की गई है। साथ ही, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के चरम पर इस्राईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अबू धाबी की एक गुप्त यात्रा की भी रिपोर्टें प्रकाशित हुई थीं।
लीक हुए दस्तावेज़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में एलबिट सिस्टम्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और इस्राईल के रक्षा मंत्रालय के राजनीतिक-सुरक्षा विभाग के प्रमुख के बीच एक बैठक हुई थी। इस बैठक में क़तर, सऊदी अरब, इथियोपिया, रवांडा, तुर्किये और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों को विभिन्न हथियार प्रणालियों की संभावित बिक्री पर चर्चा की गई।
दस्तावेज़ों के अनुसार, एलबिट सिस्टम्स को संयुक्त अरब अमीरात को “हर्मीस-900” (Hermes 900) ड्रोन तथा लगभग 60 किलोमीटर मारक क्षमता वाले “स्काईस्ट्राइकर” (SkyStriker) लोइटरिंग म्यूनिशन (आवारा हमला करने वाले गोला-बारूद) बेचने की अनुमति प्रदान की गई थी।
बैठक में MPR-2000 बमों की संभावित बिक्री पर भी विचार किया गया। ये लगभग एक टन वज़न वाले विशेष बम हैं, जिन्हें भूमिगत बंकरों और अत्यंत मज़बूत संरचनाओं को भेदने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
दस्तावेज़ों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात ने शुरुआत में तत्काल परिचालन आवश्यकता को पूरा करने के लिए एलबिट सिस्टम्स से 6 हर्मीस-900 ड्रोन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद अबू धाबी ने अपने बेड़े का विस्तार करते हुए कुल 45 उन्नत ड्रोन प्राप्त करने में रुचि दिखाई।
हर्मीस-900 एलबिट सिस्टम्स का सबसे उन्नत ड्रोन माना जाता है, जिसे एक दशक से भी पहले इस्राईली सेना में शामिल किया गया था। यह ड्रोन विभिन्न प्रकार के निगरानी एवं खुफिया उपकरणों के साथ लगभग 350 किलोग्राम तक का मिश्रित पेलोड ले जाने में सक्षम है। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, यह एक साथ आठ हवा से ज़मीन पर मार करने वाली मिसाइलें भी ले जा सकता है।
हाआरेत्ज़ के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात को ड्रोन बेचने की यह योजना उन बड़े रक्षा सौदों का हिस्सा है, जो इस्राईल और अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले देशों—संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मोरक्को—के बीच हुए हैं और जिनका शायद ही कभी आधिकारिक रूप से खुलासा किया जाता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एलबिट सिस्टम्स, राफेल, इस्राईल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज़ तथा अन्य इस्राईली रक्षा कंपनियों ने संयुक्त अरब अमीरात में अपने स्थानीय कार्यालय स्थापित किए हैं और वहाँ की रक्षा कंपनियों के साथ संयुक्त निवेश एवं सहयोग शुरू किया है। आँकड़ों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात को इस्राईली हथियारों की बिक्री लगातार बढ़ रही है।


popular post
आज दुनिया ईरान को एक शक्तिशाली और सम्मानित देश के रूप में पहचानती है: ईरानी राष्ट्रपति
आज दुनिया ईरान को एक शक्तिशाली और सम्मानित देश के रूप में पहचानती है: ईरानी
संयुक्त अरब अमीरात ने इस्राईली नागरिकों को वीज़ा देना किया शुरू
कुछ दिनों पहले इस्राईल के साथ अपने संबंधों को सार्वजनिक कर कई समझौते पर हस्ताक्षर
4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस
4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस हर देश किसी न किसी तारीख़ को नौसेना दिवस मनाया
कल से शुरू होगी टी-20 सीरीज, जानिए कितने बजे खेला जाएगा मैच
भारतीय टीम फ़िलहाल अपने ऑस्टेलिया के दौरे पर है जहाँ पर अब तक एकदिवसीय सीरीज़
कुछ हफ़्तों में मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन आने की उम्मीद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
कोरोना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह एक सर्वदलीय बैठक की. पीएम मोदी ने
महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में लगा तगड़ा झटका, सिर्फ एक सीट पर मिल सकी जीत
महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में तगड़ा झटका लगा है. विधान परिषद की
5वें दौर की बैठक: किसानों का दो टूक जवाब हम सरकार से चर्चा नहीं, बल्कि ठोस जवाब चाहते हैं वो भी लिखित में,
कृषि कानूनों को लेकर पिछले 9 दिनों से धरने पर बैठे किसानों के साथ केंद्र
रूस की नसीहत, वेस्ट बैंक में एकपक्षीय कार्रवाई से बचे इस्राईल
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने मेडिटरेनीयन डायलॉग्स बैठक को संबोधित करते हुए कहा