आंकड़ों ने खोली ट्रंप के दावे की पोल, होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान का दबदबा क़ायम

आंकड़ों ने खोली ट्रंप के दावे की पोल, होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान का दबदबा क़ायम

अमेरिकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बुधवार को नए आंकड़े प्रकाशित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को चुनौती दी है, जिसमें उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अमेरिका के पूर्ण नियंत्रण का दावा किया था।

जहाज़ों की आवाजाही पर नज़र रखने वाले आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को केवल 14 जहाज़ होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रे, जबकि युद्ध से पहले आम तौर पर हर दिन 130 से अधिक जहाज़ इस जलमार्ग से गुजरते थे। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, इन 14 जहाज़ों में से 11 ने ईरान के नियंत्रण वाले मार्ग का इस्तेमाल किया।

इसके बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि, “संयुक्त राज्य अमेरिका का होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण है। मुझे लगता है कि, हम इसे बनाए रखेंगे! और ईरान इसके बारे में कुछ नहीं कर सकता।” ट्रंप ने अपनी पोस्ट का अंत “अल्लाह की प्रशंसा हो!” शब्दों के साथ किया।

हालांकि, उपलब्ध आंकड़े ट्रंप के दावे और ज़मीनी वास्तविकता के बीच बड़ा अंतर दिखाते हैं। इनसे पता चलता है कि ईरान अपेक्षाकृत सीमित सैन्य शक्ति के इस्तेमाल के बावजूद दुनिया के इस महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग में जहाज़ों की आवाजाही को प्रभावित करने में सक्षम रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान को अमेरिकी नौसेना को हराने की आवश्यकता नहीं है। उसके लिए केवल इतना पर्याप्त है कि वह शिपिंग कंपनियों, जहाज़ों के कप्तानों और बीमा कंपनियों को यह विश्वास दिला दे कि ईरान के निर्देशों की अनदेखी करना महंगा पड़ सकता है।

सऊदी अरामको के प्रमुख अमीन नासिर ने पिछले सप्ताह कहा था कि पिछले साल फरवरी में अमेरिका और इस्राईल द्वारा ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध शुरू किए जाने के बाद से होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण ने वैश्विक बाजार को 2.6 अरब बैरल से अधिक तेल से वंचित कर दिया है।

ईरान ने जहाज़ों के कप्तानों को ओमान के तट से होकर गुजरने वाले उस मार्ग का इस्तेमाल करने से रोक दिया है, जिसकी सुरक्षा अमेरिकी नौसेना करती है। वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा उद्धृत जहाज़रानी निगरानी कंपनी केपलर के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में जलडमरूमध्य से गुजरने का जोखिम उठाने वाले लगभग आधे जहाज़ों ने ईरान द्वारा नियंत्रित मार्ग को चुना।

वहीं, कुल 166 यात्राओं में केवल दो जहाज़ों ने ओमान के तट से लगे उस मार्ग का इस्तेमाल किया, जिसे अमेरिका की सुरक्षा प्राप्त थी।

बाकी आधे जहाज़ों ने जलडमरूमध्य से गुज़रते समय अपने ट्रांसमीटर बंद करने का फैसला किया। इसका मतलब है कि उनके लोकेशन सिग्नल बंद थे और उनकी वास्तविक स्थिति तथा मार्ग का पता लगाना मुश्किल था।

समुद्री जोखिम प्रबंधन कंपनी मैरिसक्स के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिमित्रिस मैनियाटिस ने कहा कि “दक्षिणी ओमानी कॉरिडोर को इस समय भरोसेमंद सुरक्षा वाले मार्ग के रूप में नहीं माना जा सकता।”

तेल और गैस की आपूर्ति में लगातार जारी व्यवधान से ऊर्जा और परिवहन की लागत बढ़ सकती है, महंगाई दोबारा तेज हो सकती है और वैश्विक आर्थिक विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

ट्रंप के लिए यह स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इससे एक दूर के युद्ध का असर अमेरिकी घरेलू मुद्दे में बदल सकता है। ख़ासकर तब, जब मध्यावधि चुनावों में केवल तीन महीने बाकी हैं, ईंधन और रोज़मर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि अमेरिकी मतदाताओं पर सीधा प्रभाव डाल सकती है।

अमेरिका और इस्राईल द्वारा ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य आक्रमण के बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य को अमेरिका के सहयोगी देशों के लिए बंद कर दिया गया था। इसके बाद जून में एक समझौता ज्ञापन और युद्ध-विराम पर हस्ताक्षर होने के बाद यह जलमार्ग कुछ हद तक फिर खुला था।

लेकिन अमेरिका द्वारा समझौते के कथित बार-बार उल्लंघन के बाद युद्ध-विराम टूट गया। ट्रंप ने हमले फिर शुरू कर दिए और प्रतिबंध हटाने की प्रक्रिया रोक दी। इसके बाद ईरान ने एक बार फिर अपने पसंदीदा समुद्री मार्गों को लागू करना शुरू कर दिया।

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा कि अनिश्चितता अपने आप में एक शक्तिशाली निवारक है। ईरान को जहाज़ों को डुबोने की जरूरत नहीं है, क्योंकि केवल संभावित हमले का खतरा ही किसी जहाज़ की यात्रा के बीमा खर्च को लाखों डॉलर तक बढ़ा सकता है।

बीमा ब्रोकर कंपनी मार्श के अनुसार, युद्ध-विराम टूटने के बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाज़ों के लिए युद्ध-जोखिम बीमा की लागत बढ़कर जहाज़ के मूल्य की लगभग 10 प्रतिशत हो गई है। युद्ध शुरू होने से पहले यह दर लगभग 0.25 प्रतिशत थी।

मार्श के मुताबिक, इसका अर्थ यह हो सकता है कि एक बड़े तेल टैंकर को केवल होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए 30 लाख से 1 करोड़ डॉलर तक का अतिरिक्त बीमा ख़र्च उठाना पड़ सकता है।

इस तरह जहाज़ों की आवाजाही के आंकड़े, बीमा लागत में भारी वृद्धि और ईरान के नियंत्रण वाले मार्ग के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल से संकेत मिलता है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ट्रंप के “पूर्ण अमेरिकी नियंत्रण” के दावे और वास्तविक स्थिति के बीच स्पष्ट अंतर मौजूद है।

popular post

सुष्मिता देव के खिलाफ जोरदार विरोध, विशेषाधिकार हनन का नोटिस

सुष्मिता देव के खिलाफ जोरदार विरोध, विशेषाधिकार हनन का नोटिस टीएमसी से बगावत करने के

संयुक्त अरब अमीरात ने इस्राईली नागरिकों को वीज़ा देना किया शुरू

कुछ दिनों पहले इस्राईल के साथ अपने संबंधों को सार्वजनिक कर कई समझौते पर हस्ताक्षर

4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस

4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस हर देश किसी न किसी तारीख़ को नौसेना दिवस मनाया

कल से शुरू होगी टी-20 सीरीज, जानिए कितने बजे खेला जाएगा मैच

भारतीय टीम फ़िलहाल अपने ऑस्टेलिया के दौरे पर है जहाँ पर अब तक एकदिवसीय सीरीज़

कुछ हफ़्तों में मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन आने की उम्मीद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

कोरोना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह एक सर्वदलीय बैठक की. पीएम मोदी ने

महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में लगा तगड़ा झटका, सिर्फ एक सीट पर मिल सकी जीत

महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में तगड़ा झटका लगा है. विधान परिषद की

5वें दौर की बैठक: किसानों का दो टूक जवाब हम सरकार से चर्चा नहीं, बल्कि ठोस जवाब चाहते हैं वो भी लिखित में,

कृषि कानूनों को लेकर पिछले 9 दिनों से धरने पर बैठे किसानों के साथ केंद्र

रूस की नसीहत, वेस्ट बैंक में एकपक्षीय कार्रवाई से बचे इस्राईल

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने मेडिटरेनीयन डायलॉग्स बैठक को संबोधित करते हुए कहा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *