अंसारुल्लाह: सऊदी अरब के सरकारी ठिकाने हमारे वैध निशाने हैं, हमले और तेज़ होंगे

अंसारुल्लाह: सऊदी अरब के सरकारी ठिकाने हमारे वैध निशाने हैं, हमले और तेज़ होंगे

यमन के लोग सऊदी अरब की आक्रामक कार्रवाइयों और यमन के खिलाफ लगाए गए अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों के जवाब में उसके विरुद्ध विभिन्न मोर्चों पर अपनी रणनीति के तहत कार्रवाई जारी रखे हुए हैं। इन सब के बीच अंसारुल्लाह के राजनीतिक कार्यालय के सदस्य हिज़ाम अल-असद ने रियाद के अपराधों पर अंतरराष्ट्रीय चुप्पी की निंदा करते हुए कहा: दुश्मन की कार्रवाई में तेज़ी के जवाब में हम भी अपनी कार्रवाई तेज़ करेंगे।

हिज़ाम अल-असद ने कल रात यमन की जनता के ख़िलाफ़ सऊदी लड़ाकू विमानों के हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यमन में आम नागरिकों, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाना, सऊदी शासन की सैन्य विजय हासिल करने में विफलता का परिणाम है। वर्षों के आक्रमण, भाड़े के लड़ाकों को जुटाने और अमेरिका तथा इस्राईली शासन के समर्थन के बावजूद सऊदी अरब अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल नहीं कर पाया है।

सऊदी अरब के यमन पर बर्बर हवाई हमलों की संख्या 3 लाख से अधिक हो चुकी है

हिज़ाम अल-असद ने अल-मसीरा के साथ बातचीत में कहा कि हवाई हमलों में घरों, बाज़ारों, पुलों, स्कूलों, अस्पतालों, मस्जिदों और शोक सभाओं के स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। ये हमले सैन्य उद्देश्यों को हासिल करने में विफल रहने के बाद यमन के खिलाफ सऊदी शासन की आक्रामक नीति की वास्तविक प्रकृति को उजागर करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सऊदी अरब का बर्बर आक्रमण केवल बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाने, नाकेबंदी जारी रखने और यमन की जनता को भूख से पीड़ित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अब आम नागरिकों के एकत्र होने वाले स्थानों पर बमबारी तक फैल गया है।

इस यमनी अधिकारी ने सादा, मक़बना, ज़मार, मफ़रक़ माविया और अन्य क्षेत्रों में सऊदी अरब द्वारा किए गए अपराधों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन हमलों से यमन की जनता पीछे हटने या आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर नहीं होगी। इसके बजाय, ये हमले अपने अधिकारों को वापस पाने और नाकेबंदी तोड़ने के लिए उसके संकल्प और इच्छाशक्ति को और मज़बूत करेंगे।

सऊदी अरब के सत्ता केंद्र यमन के वैध निशाने हैं

उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के हालिया बर्बर हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब उसके भाड़े के लड़ाकों को भारी पराजय का सामना करना पड़ा है और यमन के सशस्त्र बलों ने सीमावर्ती तथा कब्ज़े वाले क्षेत्रों में उन्हें करारी चोट पहुँचाई है। इसके अतिरिक्त, सऊदी शासन के सत्ता केंद्रों को निशाना बनाया गया है, जिन्हें हम अपने वैध लक्ष्य मानते हैं।

उन्होंने सवाल किया कि उन महिलाओं, बच्चों और अन्य आम नागरिकों का क्या दोष है, जिन पर अमेरिकी निर्मित बमों से हमला किया जाता है?

उन्होंने कहा कि सऊदी शासन लगातार आम नागरिकों को निशाना बना रहा है और यमन के ख़िलाफ़ आक्रमण में भाग लेने के लिए और अधिक भाड़े के लड़ाकों को जुटा रहा है।अंसारुल्लाह के इस अधिकारी ने ज़ोर देकर कहा कि इन आक्रमणों के जवाब में यमन के सशस्त्र बल अपनी कार्रवाइयों को और तेज़ करने तथा सऊदी अरब के भीतरी इलाकों में स्थित संवेदनशील सैन्य और महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम हैं। उनके अनुसार, इस तरह दुश्मन के आगे के हमलों को रोका जा सकता है।

सऊदी हमलों का जवाब ‘जैसी तेज़ी, वैसी तेज़ी’ के सिद्धांत से देंगे

हिज़ाम अल-असद ने कहा कि यमन किसी भी परिस्थिति में आम नागरिकों को निशाना बनाने का विरोध करता है और इस सिद्धांत का पालन करता है। हालाँकि, वह दुश्मन के अपराधों का जवाब भी देता है और ‘हमले में तेज़ी के जवाब में कार्रवाई तेज़ करने’ के सिद्धांत पर काम करता है।

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