यमनी सेना का सऊदी समर्थित लड़ाकों के ठिकानों पर लगातार हमले

यमनी सेना का सऊदी समर्थित लड़ाकों के ठिकानों पर लगातार हमले

यमन की सशस्त्र सेनाओं ने आज शनिवार को देश के दक्षिणी और पश्चिमी इलाकों में स्थित सऊदी अरब समर्थित लड़ाकों के शिविरों पर अपने हमले तेज़ कर दिए। यह कार्रवाई यमन की सेना द्वारा देश के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में किए गए सफल अभियानों के बाद की गई है।

फार्स न्यूज एजेंसी के अंतरराष्ट्रीय समूह की रिपोर्ट के अनुसार, वेबसाइट «अल-खबर अल-यमनी» ने बताया कि अंसारुल्लाह के हमलों के बाद दक्षिणी और पश्चिमी यमन में सऊदी अरब से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। सबसे ताजा हमला अद-दाली (अल-धाले) में हुआ, जहां अल-अलला शिविर को निशाना बनाया गया।

इसके अलावा अदन और ताइज़ में भी विस्फोटों की खबर सामने आई है। मीडिया सूत्रों के अनुसार, इन इलाकों में सऊदी गठबंधन के शिविरों और उसके लड़ाकों को निशाना बनाया गया। वहीं शबवा में तैनात समूहों ने पुष्टि की कि मआरिब की सीमा पर उनके ठिकानों के खिलाफ ड्रोन हमलों में कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं।

मआरिब में सऊदी समर्थित लड़ाकों के शिविरों पर हमले

ये घटनाक्रम यमन के उत्तरी इलाकों में जारी सैन्य अभियानों के बीच सामने आए हैं। सना के नियंत्रण वाली यमनी सेनाएं मआरिब में सऊदी समर्थित लड़ाकों के शिविरों पर लगातार हमले कर रही हैं।

सऊदी समर्थित यमनी सरकार के हवाले से अल-अरबिया ने बताया कि मआरिब में सऊदी समर्थित लड़ाकों के शिविरों को मिसाइल और ड्रोन हमलों से निशाना बनाया गया।

हालांकि, अल-अरबिया ने इन हमलों में हुए नुकसान या हताहतों की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। दूसरी ओर, यमनी सूत्रों ने दावा किया कि, इन हमलों में रियाद समर्थित दर्जनों लड़ाके मारे गए।

यमन की सशस्त्र सेनाओं ने पिछले सप्ताह के अंत से अपने अभियानों का एक नया चरण शुरू किया था। इसका मुख्य लक्ष्य पूर्वी यमन के सीमावर्ती इलाकों में स्थित सऊदी ठिकानों को निशाना बनाना था। इसी क्रम में यमनी बलों ने हद्रामौत और मआरिब में कई शिविरों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया, जिसमें सैकड़ों लोगों के मारे जाने और घायल होने का दावा किया गया है।

उत्तरी यमन में आखिरी ठिकाने को बचाने की रियाद की कोशिश

इन हमलों के बीच विशेषज्ञों का कहना है कि सऊदी अरब युद्ध का रुख दक्षिणी यमन की ओर मोड़ने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि अगर ये हमले जारी रहे तो वह उत्तरी यमन में अपने बचे हुए आखिरी ठिकानों को भी खो सकता है।

अदन में सैन्य सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरब की विशेष समिति ने अपने उन लड़ाकों को, जिन्हें «दरअ अल-वतन» (मातृभूमि की ढाल) के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर दक्षिणी यमन के विभिन्न मोर्चों पर तैनात किया है। इनमें प्रमुख मोर्चे अद-दाली, शबवा, याफे और लहज हैं।

इन सूत्रों के अनुसार, सऊदी अरब ने इन बलों को उच्चतम स्तर की तैयारी की स्थिति में रखा है, ताकि मआरिब शहर पर होने वाले हमले को रोका जा सके।

सूत्रों का कहना है कि रियाद इन नए मोर्चों को खोलकर मआरिब पर पड़ने वाले सैन्य दबाव को कम करने की कोशिश कर रहा है, भले ही इस कदम के कारण अदन उसके हाथ से निकल जाए। मआरिब को उत्तरी यमन में सऊदी गठबंधन का आखिरी प्रमुख ठिकाना माना जाता है।

पिछले कुछ घंटों में मआरिब ने सऊदी बलों से संबंधित लक्ष्यों की सूची के तहत सबसे भीषण हवाई हमलों का सामना किया है। यमनी सेनाएं पिछले सप्ताह से देश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में इसी अभियान के तहत सैन्य कार्रवाई कर रही हैं।

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