अमेरिका ने सुरक्षा कारणों से ब्रिटेन एयरबेस से सभी B-1 लड़ाकू विमान हटाए: वॉल स्ट्रीट जर्नल

अमेरिका ने सुरक्षा कारणों से ब्रिटेन एयरबेस से सभी B-1 लड़ाकू विमान हटाए: वॉल स्ट्रीट जर्नल

अमेरिका ने ब्रिटेन स्थित आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस से अपने सभी B-1 बमवर्षक वापस बुला लिए हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दावा किया है कि, अमेरिकी सेना ने अपने सभी B-1 बमवर्षकों को ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड (RAF Fairford) एयरबेस से हटा लिया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक़, यह फैसला सुरक्षा संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे पहले फेयरफोर्ड एयरबेस पर अमेरिका के 12 B-1 बमवर्षक तैनात थे।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने अब इन सभी बमवर्षकों को वापस अमेरिका स्थित उनके मुख्य सैन्य ठिकानों पर भेज दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने भी इस वापसी की पुष्टि की है।

पेंटागन ने अपने बयान में कहा कि सुरक्षा और परिचालन संबंधी कारणों से अमेरिकी सेना उपकरणों और सैन्यकर्मियों की आवाजाही की तत्काल पुष्टि नहीं कर सकती थी। हालांकि, अब यह पुष्टि की जा सकती है कि फेयरफोर्ड एयरबेस पर तैनात सभी अमेरिकी बमवर्षक अमेरिका में स्थित अपने मुख्य ठिकानों पर लौट चुके हैं।

ईरान के खिलाफ अभियानों में अहम रहा फेयरफोर्ड

ब्रिटेन का आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस अमेरिकी वायु अभियानों के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां मौजूद लंबे रनवे के कारण अमेरिका इस एयरबेस का इस्तेमाल अपने रणनीतिक बमवर्षकों, खासकर B-1 और B-52, के संचालन के लिए करता रहा है।

फेयरफोर्ड की भौगोलिक स्थिति अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। अमेरिका की मुख्य भूमि से बमवर्षकों को उड़ाने की तुलना में यूरोप स्थित इस एयरबेस से मध्य पूर्व तक पहुंचने में कम दूरी तय करनी पड़ती है। इससे अमेरिकी वायुसेना को क्षेत्र में अपने अभियानों के लिए अतिरिक्त परिचालन सुविधा मिलती है।

सुरक्षा चिंताओं के बीच वापसी

अमेरिकी अधिकारियों ने B-1 बमवर्षकों की वापसी के पीछे सुरक्षा संबंधी चिंताओं को प्रमुख कारण बताया है। हालांकि, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इस फैसले से जुड़े विस्तृत परिचालन कारणों या भविष्य की तैनाती को लेकर कोई अतिरिक्त जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

B-1 बमवर्षक अमेरिकी वायुसेना के प्रमुख लंबी दूरी के रणनीतिक बमवर्षकों में शामिल हैं। इन विमानों को लंबी दूरी तक भारी मात्रा में हथियार ले जाने और तेज गति से अभियान चलाने की क्षमता के लिए जाना जाता है।

ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पर राजनीतिक बहस

फेयरफोर्ड एयरबेस में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां लंबे समय से ब्रिटेन में राजनीतिक बहस का विषय रही हैं। अमेरिका द्वारा इस एयरबेस के रणनीतिक और सैन्य अभियानों के लिए इस्तेमाल किए जाने को लेकर ब्रिटेन में समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।

फिलहाल अमेरिकी B-1 बमवर्षकों की फेयरफोर्ड से वापसी के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह केवल अस्थायी परिचालन कदम है या क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैनाती की व्यापक रणनीति में बदलाव का संकेत है। हालांकि, इस संबंध में अमेरिकी प्रशासन की ओर से अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया है।

popular post

यमन ने सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र को ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ घोषित किया

यमन ने सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र को ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ घोषित किया सना स्थित यमन

संयुक्त अरब अमीरात ने इस्राईली नागरिकों को वीज़ा देना किया शुरू

कुछ दिनों पहले इस्राईल के साथ अपने संबंधों को सार्वजनिक कर कई समझौते पर हस्ताक्षर

4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस

4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस हर देश किसी न किसी तारीख़ को नौसेना दिवस मनाया

कल से शुरू होगी टी-20 सीरीज, जानिए कितने बजे खेला जाएगा मैच

भारतीय टीम फ़िलहाल अपने ऑस्टेलिया के दौरे पर है जहाँ पर अब तक एकदिवसीय सीरीज़

कुछ हफ़्तों में मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन आने की उम्मीद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

कोरोना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह एक सर्वदलीय बैठक की. पीएम मोदी ने

महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में लगा तगड़ा झटका, सिर्फ एक सीट पर मिल सकी जीत

महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में तगड़ा झटका लगा है. विधान परिषद की

5वें दौर की बैठक: किसानों का दो टूक जवाब हम सरकार से चर्चा नहीं, बल्कि ठोस जवाब चाहते हैं वो भी लिखित में,

कृषि कानूनों को लेकर पिछले 9 दिनों से धरने पर बैठे किसानों के साथ केंद्र

रूस की नसीहत, वेस्ट बैंक में एकपक्षीय कार्रवाई से बचे इस्राईल

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने मेडिटरेनीयन डायलॉग्स बैठक को संबोधित करते हुए कहा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *