वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने सऊदी अरब के साथ शांतिपूर्ण परमाणु सहयोग समझौते को जांच और मंजूरी के लिए अमेरिकी कांग्रेस भेज दिया है। इस समझौते के तहत अमेरिकी कंपनियों को सऊदी अरब को शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक और उससे जुड़ी तकनीक उपलब्ध कराने की अनुमति मिल सकती है।
अमेरिकी सरकार के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि यह समझौता जुलाई में हुआ था। हालांकि, इसे लागू करने के लिए सऊदी अरब को इस्राईल के साथ अपने संबंध सामान्य करने और अब्राहम समझौतों में शामिल होने की शर्त पूरी करनी होगी।
यह समझौता सोमवार को अमेरिकी कांग्रेस के पास भेजा गया। अब अमेरिकी सांसदों के पास इस समझौते की समीक्षा करने के लिए 90 दिनों का समय है। इस दौरान वे इसकी शर्तों और इसके संभावित प्रभावों पर विचार करेंगे।
व्हाइट हाउस ने कहा है कि ट्रंप का रुख अभी भी वही है। उनका कहना है कि सऊदी अरब के साथ परमाणु सहयोग समझौता तभी लागू होगा, जब सऊदी अरब इस्राईल के साथ संबंध सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
यह समझौता इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे सऊदी अरब को अमेरिका की मदद से शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक हासिल करने का रास्ता मिल सकता है। साथ ही, इसके जरिए अमेरिका सऊदी अरब और इजरायल के बीच संबंध सामान्य करने की कोशिशों को भी आगे बढ़ाना चाहता है।


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