कुर्दों ने हसका में सीरियाई विद्रोहियों का झंडा उतार दिया

कुर्दों ने हसका में सीरियाई विद्रोहियों का झंडा उतार दिया

सीरियाई विद्रोहियों से जुड़े तत्वों द्वारा उन कुर्द विस्थापितों पर हमला किए जाने के बाद, जो अपने शहर सरी-कानिये (रास अल-ऐन) लौटने की कोशिश कर रहे थे, हसका प्रांत में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों से सीरियाई विद्रोहियों के झंडे उतार दिए।

कुर्द समाचार नेटवर्क रुदाव ने रिपोर्ट दी है कि हसका प्रांत के सरी-कानिये (रास अल-ऐन) शहर के निवासियों का एक काफ़िला सात वर्षों के विस्थापन के बाद अपने शहर लौटने के लिए रवाना हुआ था। लेकिन रास्ते में सीरियाई विद्रोहियों से जुड़े तत्वों ने काफिले पर हमला कर दिया।

इस हमले में बुजुर्गों समेत कई नागरिक घायल हो गए और दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा, कुर्द नागरिकों के वाहनों को भारी नुकसान पहुंचाया गया। इसके बाद काफ़िले के एक हिस्से को पीछे हटकर हसका शहर की ओर लौटना पड़ा।

इस संबंध में इस शहर से विस्थापित पत्रकार अब्दुल हलीम सुलेमान ने रुदाव से कहा कि यह हमला सीरियाई विद्रोहियों से जुड़े नए आए तत्वों की ओर से सरी-कानिये छोड़कर स्थानीय निवासियों को उनके मूल क्षेत्रों में वापस लौटने से रोकने का स्पष्ट संदेश है। उन्होंने कहा कि ये लोग अब भी शहर के भीतर घरों, जमीनों और रोजगार के पदों पर कब्जे के जरिए हासिल किए गए अपने हितों को बनाए रखने पर अड़े हुए हैं।

सुलेमान ने आगे कहा कि यह हमला विस्थापित लोगों को उनके घरों में वापस भेजने के राष्ट्रीय निर्णय का खुला विरोध है। यह निर्णय 29 जनवरी को कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ/क़सद) और सीरियाई सरकार के बीच हुए समझौते के आधार पर लिया गया था। उन्होंने कहा कि अपने घर लौटना विस्थापित लोगों का वैध अधिकार है और स्थानीय निवासी इस अधिकार से पीछे नहीं हटेंगे।

इन घटनाओं के बाद हसका शहर के दर्जनों निवासियों ने सीरिया के सार्वजनिक सुरक्षा मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए जूलानी सरकार के अधिकारियों से मांग की है कि, वे वापस लौट रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, हमले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और सभी विस्थापितों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करें।

इसी दौरान, कुर्दों और विद्रोही सरकार के समर्थक अरब तत्वों के बीच झड़पें भी हुईं। इसके बाद हसका में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों से सीरियाई विद्रोहियों के झंडे उतार दिए। वहीं, इन विरोध प्रदर्शनों के बीच सरी-कानिये में सीरियाई विद्रोहियों के समर्थकों ने उन कुर्दों के घरों पर गोलीबारी की, जो हाल ही में अपने शहर लौटे थे।

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