अलेक्डज़ेंर वुचिच: सर्बिया के वह नेता जिन्हें छात्रों ने सत्ता से बेदख़ल किया

अलेक्डज़ेंर वुचिच: सर्बिया के वह नेता जिन्हें छात्रों ने सत्ता से बेदख़ल किया

सर्बिया की राजनीतिक व्यवस्था को एक दशक से भी अधिक समय तक प्रभावित करने वाले अलेक्जेंडर वुचिच रविवार को हुए मध्यावधि संसदीय चुनावों में छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन से हार गए। इस आंदोलन ने लगभग दो वर्षों तक उनके ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किए थे।

कड़े मुकाबले के बाद वुचिच ने रविवार को हुए चुनाव में स्टूडेंट लिस्ट (Student List) के हाथों अपनी हार स्वीकार कर ली। इन चुनावों में मतदान का प्रतिशत पिछले 30 वर्षों से भी अधिक समय में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया।

सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (SNS) के नेता ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, “यह स्पष्ट है कि हम ये चुनाव हार गए हैं।”

यह बयान तब आया, जब शुरुआती मतगणना के नमूनों से संकेत मिला कि उनकी चुनावी सूची को सर्बिया की 250 सदस्यीय संसद में लगभग 105 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि स्टूडेंट लिस्ट को 135 से 140 सीटें मिल सकती हैं।

रेलवे स्टेशन हादसे से शुरू हुआ छात्र आंदोलन

छात्र आंदोलन उस समय उभरा, जब 1 नवंबर, 2024 को नोवी साद शहर में एक रेलवे स्टेशन की छतरी जैसी संरचना ढह गई और इस हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद युवाओं के नेतृत्व में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने धीरे-धीरे व्यापक सामाजिक असंतोष का रूप ले लिया। बाद में यह आंदोलन एक राजनीतिक मंच, स्टूडेंट लिस्ट, में बदल गया।

इस मंच ने भ्रष्टाचार से निपटने, सार्वजनिक संस्थानों को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त करने और नागरिकों के अधिकार बहाल करने का वादा किया। चुनाव प्रचार के दौरान इस आंदोलन का नेतृत्व नोवी साद के मेडिकल संकाय के प्रोफेसर इलिया स्र्दानोविच ने किया। वुचिच ने प्रदर्शनकारियों को ‘ब्लॉकेडर्स’ यानी रास्ते और संस्थान बाधित करने वाले लोग कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी सर्बिया को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।

राष्ट्रवादी राजनीति से सत्ता के शिखर तक का सफर

पूर्व में अति-राष्ट्रवादी राजनीति से जुड़े रहे वुचिच ने बाद में अपनी छवि एक ऐसे व्यावहारिक नेता के रूप में विकसित की, जो यूरोपीय संघ, रूस और चीन के साथ संबंध बनाए रखने में सक्षम था। हाल के वर्षों में इस्राईल के साथ भी सर्बिया के संबंधों में नज़दीकी बढ़ी।

वुचिच का जन्म 1970 में बेलग्रेड में हुआ था। उन्होंने बेलग्रेड विश्वविद्यालय के विधि संकाय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने 1993 में राजनीति में प्रवेश किया और वोजिस्लाव शेसेल के नेतृत्व वाली अति-राष्ट्रवादी सर्बियन रेडिकल पार्टी में शामिल हो गए।

सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी की स्थापना

सर्बियन रेडिकल पार्टी में विभाजन के बाद वुचिच और तोमिस्लाव निकोलिच ने 2008 में सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (SNS) की स्थापना की। नई पार्टी ने यूरोप की मुख्यधारा की राजनीति के करीब जाने की कोशिश की। सर्बियाई पत्रकार सफेता बिसेवाक, जिन्होंने लंबे समय तक वुचिच के राजनीतिक करियर पर नज़र रखी है, का मानना है कि शुरुआत में वुचिच उतने लोकप्रिय नहीं थे जितने निकोलिच थे। निकोलिच आम नागरिकों के अधिक करीब दिखाई देते थे।

बिसेवाक ने अल जज़ीरा से कहा:

“उस समय लोकप्रियता के मामले में वुचिच काफी पीछे थे और नई बनी पार्टी में उनकी भूमिका मुख्य रूप से संगठनकर्ता की थी।”

भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई का वादा

2012 में SNS सत्ता में आई। पार्टी ने पिछली सरकारों के दौरान हुए भ्रष्टाचार, संगठित अपराध और सत्ता के दुरुपयोग से लड़ने का वादा किया था। इस अभियान के सबसे चर्चित मामलों में से एक दिसंबर 2012 में कारोबारी मिरोस्लाव मिश्कोविच और उनके बेटे मार्को की गिरफ्तारी थी। उन पर वित्तीय अनियमितताओं और कर चोरी का संदेह था।

कई वर्षों तक चली कानूनी कार्यवाही के बाद दोनों को बरी कर दिया गया और राज्य को उन्हें मुआवजा देना पड़ा। बिसेवाक के अनुसार, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के परिणाम सीमित रहे, जबकि इस दौरान सरकार ने संस्थानों, मीडिया और राजनीतिक जीवन पर अपना नियंत्रण बढ़ा लिया।

वुचिच ने 2012 से 2014 तक प्रथम उपप्रधानमंत्री के रूप में काम किया। इसके बाद 2014 में वह प्रधानमंत्री बने। तीन साल बाद, 2017 में, उन्होंने सर्बिया के राष्ट्रपति का पद संभाला। 2022 में वह दोबारा राष्ट्रपति चुने गए। उनका कार्यकाल 2027 तक चलना था।

छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के दबाव में उन्होंने सितंबर में इस्तीफा दे दिया और मध्यावधि चुनाव कराने की घोषणा की। हालांकि सर्बिया के संविधान के तहत राष्ट्रपति पद की शक्तियों और कार्यकाल की सीमाएं निर्धारित हैं, लेकिन वुचिच ने अपनी पार्टी और राज्य की नीतियों पर व्यापक प्रभाव बनाए रखा।

बिसेवाक ने कहा:

“उन्होंने बहुत सारे वादे किए और उनमें से कुछ ही पूरे किए। लेकिन इस बीच उन्होंने राज्य की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर लगभग पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया।”

आर्थिक विकास और लोगों के जीवन स्तर पर बहस

2012 में वुचिच के सर्बिया की राजनीति के केंद्र में आने के बाद से देश की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स द्वारा उद्धृत आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश में बेरोजगारी दर 26 प्रतिशत से गिरकर 8 से 9 प्रतिशत के बीच आ गई। इसी अवधि में सर्बिया का नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद (GDP) लगभग तीन गुना बढ़कर करीब 90 अरब यूरो (लगभग 101 अरब अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गया।

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