नेतन्याहू के अर्जेंटीनियाई सहयोगी ने विरोध प्रदर्शनों पर कराया दमन
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति हावियर मिली द्वारा प्रस्तावित “निजी संपत्ति संरक्षण (इम्युनिटी) विधेयक” के विरोध में राजधानी ब्यूनस आयर्स में हुए बड़े प्रदर्शन पर पुलिस ने आँसू गैस, रबर की गोलियों और पानी की बौछार करने वाली गाड़ियों का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया। विभिन्न मीडिया संस्थानों ने ब्यूनस आयर्स की सड़कों से तस्वीरें और वीडियो जारी किए, जिनमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें दिखाई गईं।
एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, हजारों लोग राष्ट्रपति हावियर मिली के प्रस्तावित विधेयक के विरोध में सड़कों पर उतरे थे। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस, रबर की गोलियाँ और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर कर दिया गया।
यह प्रदर्शन अर्जेंटीना के वामपंथी संगठनों और श्रमिक यूनियनों द्वारा आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारी उस समय संसद के उच्च सदन सीनेट के बाहर एकत्र हुए थे, जब सीनेट इस विधेयक पर चर्चा कर रही थी। करीब 10 घंटे से अधिक चली बहस के बाद यह विधेयक 37 मतों के पक्ष और 33 मतों के विरोध से पारित हो गया। पर्याप्त समर्थन जुटाने के लिए राष्ट्रपति मिली की सरकार ने विधेयक से ग्रामीण भूमि के स्वामित्व और जंगल की आग से प्रभावित ज़मीनों से जुड़े कुछ प्रावधान हटा दिए।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, पुलिस हस्तक्षेप से पहले प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती के बाद स्थिति बिगड़ गई। इसके बाद पत्थरबाज़ी शुरू हुई और पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया।
अर्जेंटीना के लोग इस विधेयक का विरोध क्यों कर रहे हैं?
हावियर मिली को राष्ट्रपति बने लगभग दो वर्ष आठ महीने हो चुके हैं। दक्षिणपंथी लोकलुभावन नेता के रूप में उन्होंने सत्ता में आने के बाद व्यापक आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों का वादा किया था। विदेश नीति में मिली ने अमेरिका और इस्राईल के साथ संबंधों को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया है। इसी कारण अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्राईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कई बार उनकी प्रशंसा कर चुके हैं।
सरकार का कहना है कि इस नए विधेयक का उद्देश्य ग्रामीण ज़मीनों के उपयोग से जुड़े नियमों को सरल बनाना और निजी संपत्तियों पर अवैध कब्ज़े को रोकना है, ताकि देश में निवेश को बढ़ावा मिल सके। हालाँकि, विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों का आरोप है कि यह कानून विदेशी प्रभाव को बढ़ावा देगा और इससे अर्जेंटीना के “उपनिवेशीकरण, विभाजन और बाल्कनीकरण” का ख़तरा पैदा हो सकता है।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नारे लगाए:
“हमारी मातृभूमि बिकाऊ नहीं है।”


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