ईरान युद्ध से बाहर निकलना ही ट्रंप के बचने का एकमात्र रास्ता है: जो केंट

ईरान युद्ध से बाहर निकलना ही ट्रंप के बचने का एकमात्र रास्ता है: जो केंट

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी केंद्र प्रमुख जो केंट ने ईरान के खिलाफ युद्ध में मौजूदा अमेरिकी सैन्य स्थिति की तुलना अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिका की विनाशकारी वापसी से करते हुए चेतावनी दी है कि, ट्रंप अमेरिकी सैनिकों को ईरान की मिसाइलों और ड्रोन की ज़द में रखकर ख़ुद को दोबारा युद्ध बढ़ने के जाल में फँसा रहे हैं।

केंट ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर एक संदेश में अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी वापसी के अनुभव का उल्लेख करते हुए क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी और ईरान के साथ जारी युद्ध के संबंध में चेतावनी दी।

केंट ने जोर देकर कहा कि, युद्ध क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती, जबकि वे कोई आक्रामक सैन्य अभियान नहीं चला रहे हैं और केवल राष्ट्रपति द्वारा उन्हें वापस बुलाने का निर्णय न लेने के कारण क्षेत्र में मौजूद हैं, विरोधी पक्ष को अमेरिकी सैनिकों पर हमला करने का अवसर देती है। ऐसी स्थिति में अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने या तो दोबारा युद्ध में उतरने या फिर एक असफल और अपमानजनक वापसी करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।

उन्होंने ट्रंप के पहले कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि, 2020 में ट्रंप ने तालिबान के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत अमेरिकी सैनिक अप्रैल या मई 2021 में अफ़ग़ानिस्तान से बाहर निकल सकते थे। लेकिन जो बाइडन के सत्ता में आने के बाद उन्होंने सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान में 11 सितंबर के हमलों की 20वीं बरसी तक बनाए रखने का फैसला किया, ताकि वापसी अपने तरीक़े से की जा सके।

केंट के अनुसार, यह फैसला अंततः एक बड़ी त्रासदी में बदल गया। तालिबान के हमले के बाद 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए और अमेरिका को एक ऐसे युद्ध से निकलना पड़ा, जिसे समाप्त करने का फैसला वह एक साल पहले ही कर चुका था। उनके अनुसार, अमेरिका इस युद्ध से “खूनी और अपमानित” स्थिति में बाहर निकला।

इसके बाद रिपब्लिकन प्रतिनिधि ने ईरान के साथ मौजूदा युद्ध की तुलना अफ़ग़ानिस्तान युद्ध से करते हुए चेतावनी दी कि, ट्रंप भी अपने लिए “इसी तरह का जाल” तैयार कर रहे हैं।

उन्होंने लिखा कि ट्रंप जानते हैं कि ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध का कोई सैन्य समाधान नहीं है, लेकिन संघर्ष को और बढ़ाने के जाल को ख़ारिज करने और एक और गहरे दलदल में फँसने से बचने के बजाय वह अमेरिकी सैनिकों को अब भी ईरान की मिसाइलों और ड्रोन की ज़द में रखे हुए हैं।

केंट ने जोर देकर कहा कि, क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी ईरान को रणनीतिक बढ़त देती है और अमेरिका को ऐसी स्थिति में पहुँचा सकती है, जहाँ तेहरान यह तय करने लगे कि वॉशिंगटन कब और किन परिस्थितियों में दोबारा युद्ध में लौटेगा।

अंत में केंट ने ट्रंप से अपील की कि, “अब युद्ध से पीछे हट जाएँ, इससे पहले कि कोई बड़ी त्रासदी हो” और अमेरिकी सैनिकों को क्षेत्र से वापस बुला लें।

उन्होंने अपनी बात का निष्कर्ष निकालते हुए चेतावनी दी:

“युद्ध में बने रहने से कोई जीत हासिल नहीं होगी। अभी बाहर निकलें, इस जाल से बचें और खेल के नियमों को नए सिरे से तय करें।”

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