यूरोपीय संघ, वॉशिंगटन की क़ानून तोड़ने वाली नीतियों का समर्थक बन गया है: बक़ाई

यूरोपीय संघ, वॉशिंगटन की क़ानून तोड़ने वाली नीतियों का समर्थक बन गया है: बक़ाई

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका के आर्थिक युद्ध को लेकर यूरोपीय संघ के रुख को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन, यूरोपीय संघ के अपने नियमों के विपरीत और यूरोप द्वारा घोषित मूल्यों के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि, यूरोपीय संघ एक ओर ईरान के ख़िलाफ़ वॉशिंगटन के आर्थिक आतंकवाद का समर्थन नहीं कर सकता और दूसरी ओर तनाव कम करने तथा क्षेत्रीय स्थिरता कायम करने के प्रयासों का दावा भी नहीं कर सकता।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने मंगलवार, 10 सितंबर की सुबह अमेरिका द्वारा इस्लामी गणराज्य ईरान पर लगाए गए नए प्रतिबंधों के संबंध में यूरोपीय संघ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा:
“ऐसा लगता है कि यूरोपीय संघ अमेरिका की धमकियों के सामने अपनी स्वतंत्रता, कानूनों, मूल्यों और नैतिक सिद्धांतों की अनदेखी लगातार बढ़ाता जा रहा है। यूरोपीय संघ ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा था कि वह ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेगा। अमेरिका ने हाल ही में ईरान के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद का अभियान शुरू किया है। ईरानी अधिकारियों ने इस कदम को पहले ही विफल करार दिया है।

यूरोपीय संघ के ‘ब्लॉकिंग रेगुलेशन’

बक़ाई ने कहा कि यूरोपीय संघ अपने ही बनाए नियमों के तहत तीसरे देशों द्वारा बनाए गए कानूनों के अतिरिक्त-क्षेत्रीय (Extraterritorial) प्रभाव को मान्यता नहीं देता और ऐसे कानूनों का पालन करना अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध मानता है। उन्होंने कहा कि “यूरोपीय संघ के ब्लॉकिंग रेगुलेशन” (EU Blocking Statute) में स्पष्ट रूप से किसी भी ऐसे आदेश या प्रतिबंध को लागू करने पर रोक है, जो किसी विदेशी देश के प्रतिबंध संबंधी कानूनों पर आधारित हो।

विदेश मंत्रालय के इस वरिष्ठ प्रवक्ता ने सवाल उठाया:

“तो फिर यूरोपीय संघ आज ईरान के खिलाफ सबसे अन्यायपूर्ण और अवैध प्रतिबंधों का समर्थन कैसे कर रहा है?” यूरोप को जवाबदेह होना चाहिए ।”

बक़ाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा:

“इस व्यवहार की तुलना 1996 में यूरोप के रुख से कीजिए। उस समय यूरोपीय संघ ने स्वतंत्र रूप से कार्य करने का फैसला किया था और अमेरिकी प्रतिबंधों की व्यवस्था के सामने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए ‘ब्लॉकिंग रेगुलेशन’ को मंजूरी दी थी। लेकिन आज यही यूरोपीय संघ वॉशिंगटन की कानून तोड़ने वाली नीतियों का समर्थक बन गया है।”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे कहा:

“अमेरिका के ईरान के खिलाफ आर्थिक युद्ध का यूरोपीय संघ द्वारा समर्थन स्वयं अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर और स्पष्ट उल्लंघन है। यूरोपीय संघ के प्रत्येक सदस्य देश को इस गैरकानूनी और नियम-विरोधी कार्रवाई में अपनी भागीदारी के कारण उत्पन्न होने वाले परिणामों के लिए जवाबदेह होना चाहिए।”

उन्होंने स्पष्ट किया:

“यूरोपीय संघ वॉशिंगटन के ईरान के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद का समर्थन नहीं कर सकता और साथ ही यह दावा भी नहीं कर सकता कि वह तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता कायम करने के लिए प्रयास कर रहा है। ये दोनों बातें एक-दूसरे के साथ मेल नहीं खातीं।”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना रवैया यूरोपीय संघ के नैतिक पतन और राजनीतिक अक्षमता का प्रमाण है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कल रात भी अमेरिका के आर्थिक युद्ध के समर्थन में यूरोपीय संघ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यूरोपीय संघ ने अपनी स्वतंत्रता और अपने घोषित मूल्यों की अनदेखी करते हुए अपनी भूमिका को अमेरिका के आदेशों का पालन करने वाले एक कार्यकारी तक सीमित कर लिया है।

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