नेतन्याहू ‘बिगड़ैल जुआरी’, अमेरिकी नागरिकों के ख़ून और पैसे’ से ख़ुद को बचाना चाहते हैं: ईरान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची का कहना है कि, इस्राईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू न्याय से बचने के लिए और अधिक अमेरिकी नागरिकों की जान तथा अमेरिका के संसाधनों को दांव पर लगाने की बेताब कोशिश कर रहे हैं। शनिवार को अपने एक्स (X) अकाउंट पर एक पोस्ट में अराक़ची ने नेतन्याहू को “वांछित युद्ध अपराधी” बताया। उन्होंने कहा कि, नेतन्याहू अरबों, अमेरिकियों और ईरानियों की मौतों के लिए ज़िम्मेदार हैं।
उन्होंने आगे कहा कि, इस्राईल के प्रधानमंत्री न्याय से बचने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें अपने ही देश के लोगों की जान की भी कोई परवाह नहीं है। ईरान के शीर्ष राजनयिक ने नेतन्याहू की तुलना एक “पतित जुआरी” से करते हुए कहा कि, वह अपनी जान और राजनीतिक भविष्य बचाने के लिए अधिक अमेरिकी नागरिकों का ख़ून बहाने तथा अमेरिका के संसाधनों को बर्बाद करने पर आमादा हैं।
अराक़ची ने लिखा, “अमेरिकी सीनेटर भी अब इससे बाहर निकलना चाहते हैं।”
ईरान के विदेश मंत्री ने अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया। इस वीडियो में मेजर जनरल अवी गिल दिखाई दे रहे हैं, जो नेतन्याहू के पूर्व वरिष्ठ सहयोगी रह चुके हैं। गिल ने 7 अक्टूबर, 2023 की घटनाओं को लेकर इस्राईल के प्रधानमंत्री की आलोचना फिर से तेज़ कर दी है।
गिल ने जुलाई 2021 से मई 2024 तक नेतन्याहू के सैन्य सचिव के रूप में काम किया था। उनका कहना है कि 7 अक्टूबर के हमलों से पहले ही नेतन्याहू को आंतरिक स्तर पर युद्ध की आशंका के बारे में चेतावनी दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि जनता को जो जानकारी है और वास्तव में जो कुछ हुआ था, उन दोनों के बीच अब भी “बहुत बड़ा अंतर” है।
7 अक्टूबर, 2023 की सुबह नेतन्याहू को जगाने वाले गिल ने हाल ही में ये टिप्पणियां की हैं। उनकी टिप्पणियों से इस्राईल के प्रधानमंत्री पर दबाव और बढ़ गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ ही सप्ताह बाद एक महत्वपूर्ण चुनाव होने वाला है, जो नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेगा।
फरवरी के आखिर में इस्राईल के 36 पूर्व अधिकारियों ने एक बयान में कहा कि 7 अक्टूबर, 2023 को अल-अक्सा फ्लड ऑपरेशन को संभव बनाने वाली सैन्य और खुफिया विफलताओं की पूरी जिम्मेदारी नेतन्याहू की है। इन अधिकारियों में इस्राईल की आंतरिक ख़ुफ़िया एजेंसी शिन बेट के पांच पूर्व प्रमुख भी शामिल थे।
अल-अक्सा फ्लड ऑपरेशन के तहत 7 अक्टूबर, 2023 को हमास और अन्य फिलिस्तीनी प्रतिरोधी समूहों ने ग़ाज़ा पट्टी से दक्षिणी इस्राईल के क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में समन्वित सशस्त्र हमले किए थे। हमास ने इस अभियान को इस्राईली क़ब्ज़े, ग़ाज़ा की नाकेबंदी, अवैध बस्तियों के विस्तार और इस्राईली बसने वालों की बढ़ती हिंसा के जवाब के रूप में बताया था।
इन हमलों के जवाब में इस्राईल ने ग़ाज़ा पर एक ऐसा सैन्य अभियान शुरू किया, जिसे लेख में नरसंहार अभियान बताया गया है। इस अभियान में 74,000 से अधिक फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 1,75,000 लोग घायल हुए हैं। इनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं।


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