ईरान की दो टूक, दुश्मन व्यापक आर्थिक युद्ध में भी मुंह की खाएगा

तेहरान: ईरान की संसद के अध्यक्ष मुहम्मद बाक़िर क़ालिबाफ़ ने सरकार सप्ताह के अवसर पर जारी अपने संदेश में कहा है कि ईरान इस समय एक व्यापक आर्थिक युद्ध का सामना कर रहा है, लेकिन जनता, निजी क्षेत्र और देश की सभी संस्थाओं की क्षमता के सहारे दुश्मन को इस मोर्चे पर भी पराजित किया जाएगा।

क़ालिबाफ़ ने अपने संदेश में कहा कि गवर्मेंट वीक केवल इस्लामी गणराज्य ईरान के कैलेंडर में एक अवसर नहीं, बल्कि उस महान सेवा-संकल्प की याद दिलाता है, जिसमें देश के लोगों ने कठिन परिस्थितियों में भी ईरानी स्वतंत्रता और इस्लामी क्रांति के आदर्शों के लिए दृढ़ता से संघर्ष किया है।

उन्होंने शहीद मुहम्मद अली रजाई, मुहम्मद जवाद बाहुनर और सय्यद इब्राहीम रईसी को याद करते हुए कहा कि इन नेताओं ने सरकार को सत्ता का मंच नहीं, बल्कि जनता की सेवा का मोर्चा समझा। उनके अनुसार, इस्लामी गणराज्य में जिम्मेदारी किसी विशेषाधिकार से पहले एक अमानत और कर्तव्य है।

संसद अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा संवेदनशील परिस्थितियों में सरकार को इस्लामी क्रांति की रक्षा के साथ-साथ जनता की आजीविका, क्रय शक्ति, युवाओं के रोजगार और आर्थिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए तथा जनता के बोझ को कम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च नेता के सरकार के समर्थन, राष्ट्रीय एकता और व्यवस्था के विभिन्न अंगों के बीच सहयोग संबंधी निर्देश कठिन परिस्थितियों से निकलने के लिए स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

क़ालिबाफ़ ने स्पष्ट किया कि सरकार का समर्थन करने का अर्थ उसकी कमजोरियों को नजरअंदाज करना नहीं है, बल्कि बेहतर जनसेवा के लिए सरकार पर भरोसा करना है।

उन्होंने कहा कि देश इस समय “सर्वांगीण आर्थिक युद्ध” में है और दुश्मन ने ईरानी जनता पर दबाव डालने के लिए अपनी सभी क्षमताओं का इस्तेमाल किया है।

क़ालिबाफ़ ने कहा कि “अल्लाह के करम से हम देखेंगे कि सरकार और कार्यपालिका भी जनता, निजी क्षेत्र के आर्थिक कार्यकर्ताओं तथा व्यवस्था के सभी अंगों की क्षमता पर भरोसा करते हुए इस मैदान में दुश्मन को पराजित करेगी।”

उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि जल्द ही दुश्मन की मनोवैज्ञानिक कार्रवाइयों का प्रभाव समाप्त होगा।

क़ालिबाफ़ ने कहा कि आज सरकारी कर्मचारी, अधिकारी, प्रांतीय गवर्नर, स्थानीय प्रशासक और आर्थिक मामलों के जिम्मेदार अधिकारी यह समझते हैं कि आर्थिक युद्ध की परिस्थितियों में उनकी सेवा की मेज भी एक मोर्चा है।

उन्होंने कहा कि जनता को तेज़, सही और ईमानदार सेवा प्रदान करना भी राष्ट्रीय रक्षा का एक हिस्सा है।

संसद अध्यक्ष ने कहा कि ईरानी संसद भी सरकार और जनता के साथ खड़ी है और कानून बनाने तथा निगरानी की अपनी पूरी क्षमता के माध्यम से बाधाओं को दूर करने, कानूनों में सुधार करने और जनता की मांगों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार के साथ सहयोग करेगी।

अंत में क़ालिबाफ़ ने पैग़म्बर-ए-रहमत हज़रत मुहम्मद ﷺ और इमाम जाफ़र सादिक़ؑ के शुभ जन्मदिवस पर बधाई देते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी और सरकार सप्ताह के अवसर पर राष्ट्रपति मसऊद पेज़ेश्कियान सहित सभी सरकारी अधिकारियों को बधाई दी।

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