ईरान और इराक़ को अलग करने की पश्चिमी साज़िश नाकाम

ईरान और इराक़ को अलग करने की पश्चिमी साज़िश नाकाम

ऐसे समय में जबकि पश्चिमी हलकों की ओर से कई महीनों से तेहरान और बगदाद के बीच दरार पैदा करने पर ज़ोर दिया जा रहा है, एक वरिष्ठ इराक़ी विश्लेषक ने उनकी “दुष्ट साज़िश” की ओर इशारा करते हुए कहा है कि ईरान और इराक़ के संबंध इतने गहरे और जड़ें इतने मज़बूत हैं कि उन्हें तोड़ा नहीं जा सकता।

अंतरराष्ट्रीय समूह, फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी: प्रसिद्ध इराक़ी विश्लेषक रियाज़ अल-वुहैली ने अल-अहद चैनल के साथ बातचीत में इस्लामी गणराज्य ईरान की संसद के अध्यक्ष की इराक़ यात्रा के महत्व की ओर इशारा करते हुए कहा कि इराक़ी सरकार को क़ालिबाफ़ की इस यात्रा का सकारात्मक जवाब देना चाहिए, ताकि ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध से पैदा हुई बाकी समस्याओं पर क़ाबू पाया जा सके।

उन्होंने कहा कि इराक़ और ईरान के बीच दोनों देशों की जनता के स्तर पर संबंध गहरे और मज़बूत हैं, और इसका सबसे बड़ा प्रमाण शहीद नेता हज़रत आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी लाखों लोगों की भीड़ थी।

इस इराक़ी विश्लेषक ने आगे कहा: “दुश्मन और पश्चिमी हलके साज़िशों के ज़रिए ईरान और इराक़ के संबंधों में दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दोनों देशों के गहरे रिश्ते इसके रास्ते में बाधा हैं। इराक़ के ईरान के साथ राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक संबंध हैं, इसलिए वह ईरान से अलग नहीं हो सकता। अतः दोनों देशों के बीच साझा भविष्य और साझा दृष्टिकोण तैयार करना पश्चिम की दुष्ट साज़िशों को नाकाम कर सकता है।”

इस्लामी गणराज्य ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर क़ालिबाफ़ ने कल सुबह क्षेत्रीय घटनाक्रम पर बातचीत, तेहरान और बगदाद के बीच रणनीतिक सहयोग को मज़बूत करने तथा पश्चिमी एशिया में स्थिरता और सुरक्षा स्थापित करने में मदद के लिए साझा उपायों पर चर्चा करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तेहरान से बगदाद के लिए रवाना हुए।

उन्होंने शहीद क़ासिम सुलेमानी और शहीद अबू महदी अल-मुहंदिस की शहादत के स्थान पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद इराक़ी संसद के अध्यक्ष, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाक़ात कर बातचीत की।

एक अन्य इराक़ी राजनीतिक विश्लेषक मुख़्तार हद्दाद ने भी अल-अहद के साथ बातचीत में कहा कि इराक़ और ईरान के बीच व्यापक संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और क़ालिबाफ़ की बगदाद यात्रा का उद्देश्य इन संबंधों को और मज़बूत करना है।

उन्होंने बताया कि “इरबिल” को निशाना बनाया जाना एक अमेरिकी–इस्राईली साज़िश है और इसमें कोई संदेह नहीं है। ईरान उन समूहों को नियंत्रित करने में सफल रहा है जो उसके दुश्मनों से जुड़े हुए हैं और जो ईरान तथा इराक़—दोनों देशों के ख़िलाफ़ साज़िशें कर रहे हैं।

हद्दाद ने कहा कि क़ालिबाफ़ की बगदाद यात्रा ईरान और इराक़ के बीच पहले से हस्ताक्षरित समझौतों को सक्रिय करने की दिशा में एक कदम है, जिससे दोनों देशों को लाभ होगा।

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