ईरान पर बमबारी करने से सत्ता परिवर्तन नहीं होगा: इमैनुएल मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरान पर हमले को ग़लत बताते हुए कहा है कि ईरान पर बमबारी करने से सत्ता परिवर्तन नहीं होगा। मैक्रों की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव तथा सैन्य टकराव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है।
फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान पर बमबारी करके वहां सत्ता परिवर्तन नहीं कराया जा सकता। उन्होंने कहा कि किसी देश पर बमबारी के ज़रिए उसकी सरकार को बदलना संभव नहीं है और पिछले दशकों में भी इस तरह के दृष्टिकोण का कोई प्रभावी परिणाम नहीं निकला है।
अमेरिकी टेलीविजन नेटवर्क एबीसी को दिए एक इंटरव्यू में इमैनुएल मैक्रों ने कहा, “मुझे विश्वास नहीं है कि किसी देश पर बमबारी करके सत्ता परिवर्तन किया जा सकता है। मेरे विचार से यह सबसे अच्छा विकल्प भी नहीं है, क्योंकि यह काम नहीं करता। पिछले कुछ दशकों में हम कई बार ऐसी ग़लती कर चुके हैं।”
हालांकि, मैक्रों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका द्वारा किए जा रहे दावों को दोहराया और कहा कि, सभी के लिए यह सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न करे।
इसी बीच, रूस में ईरान के राजदूत काज़िम जलाली ने इससे पहले रियानवोस्ती के साथ बातचीत में कहा था कि, इस्लामी गणराज्य ईरान ने अपने रक्षा और सुरक्षा सिद्धांतों के साथ-साथ ईरान के शहीद सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई के फ़तवे के आधार पर कई बार स्पष्ट किया है कि, उसका उद्देश्य परमाणु हथियार हासिल करना नहीं है और उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण प्रकृति का है।
28 फरवरी को अमेरिका और इस्राईली शासन ने ईरान में विभिन्न ठिकानों को निशाना बनाकर हमले शुरू किए। इसके बाद ईरान ने भी विरोधी पक्ष के ठिकानों पर हमले किए। जून के मध्य में, तेहरान और वॉशिंगटन ने संघर्ष रोकने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, लेकिन अमेरिका ने उसका उल्लंघन किया और ईरान ने भी अमेरिकी हमलों का जवाब दिया।
फिलहाल ट्रंप प्रशासन ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए आर्थिक और सैन्य उपायों का सहारा लेने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप सरकार समुद्री नाकेबंदी लागू करने और अधिकतम दबाव बनाने के ज़रिए ईरान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रही है।
सैन्य कार्रवाई से क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की चिंता
समाचार के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राईल ने ईरान के विभिन्न ठिकानों को निशाना बनाकर हमले शुरू किए। इसके जवाब में ईरान ने भी विरोधी पक्ष के ठिकानों को निशाना बनाया। इस घटनाक्रम ने पहले से तनावग्रस्त पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष की आशंकाओं को बढ़ा दिया।
जून के मध्य में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच संघर्ष को रोकने के लिए एक समझौता ज्ञापन होने का उल्लेख किया गया है। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौते को लेकर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए और सैन्य कार्रवाई फिर जारी रही। ईरानी पक्ष का कहना है कि अमेरिका ने समझौते का उल्लंघन किया, जिसके बाद ईरान ने अमेरिकी हमलों का जवाब दिया।


popular post
ईरान पर बमबारी करने से सत्ता परिवर्तन नहीं होगा: इमैनुएल मैक्रों
ईरान पर बमबारी करने से सत्ता परिवर्तन नहीं होगा: इमैनुएल मैक्रों फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल
संयुक्त अरब अमीरात ने इस्राईली नागरिकों को वीज़ा देना किया शुरू
कुछ दिनों पहले इस्राईल के साथ अपने संबंधों को सार्वजनिक कर कई समझौते पर हस्ताक्षर
4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस
4 दिसंबर भारतीय नौसेना दिवस हर देश किसी न किसी तारीख़ को नौसेना दिवस मनाया
कल से शुरू होगी टी-20 सीरीज, जानिए कितने बजे खेला जाएगा मैच
भारतीय टीम फ़िलहाल अपने ऑस्टेलिया के दौरे पर है जहाँ पर अब तक एकदिवसीय सीरीज़
कुछ हफ़्तों में मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन आने की उम्मीद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
कोरोना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह एक सर्वदलीय बैठक की. पीएम मोदी ने
महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में लगा तगड़ा झटका, सिर्फ एक सीट पर मिल सकी जीत
महाराष्ट्र में बीजेपी को विधान परिषद चुनाव में तगड़ा झटका लगा है. विधान परिषद की
5वें दौर की बैठक: किसानों का दो टूक जवाब हम सरकार से चर्चा नहीं, बल्कि ठोस जवाब चाहते हैं वो भी लिखित में,
कृषि कानूनों को लेकर पिछले 9 दिनों से धरने पर बैठे किसानों के साथ केंद्र
रूस की नसीहत, वेस्ट बैंक में एकपक्षीय कार्रवाई से बचे इस्राईल
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने मेडिटरेनीयन डायलॉग्स बैठक को संबोधित करते हुए कहा