हम फ़िलिस्तीन की रक्षा करने वाले हर व्यक्ति का समर्थन करते हैं: आयतुल्लाह ख़ामेनेई
इस्लामी क्रांति के नेता ने आज सुबह (शुक्रवार, 21 मार्च, 2025) ईरानी नए साल (नौरोज़) के अवसर पर बैठक के दौरान लोगों और अधिकारियों के साथ कहा: अमेरिकियों को पता होना चाहिए कि वे ईरान के खिलाफ धमकियों से कहीं नहीं पहुंचेंगे, और दूसरों को भी पता होना चाहिए कि अगर वे कुछ बुरा करते हैं, तो उन्हें जोरदार थप्पड़ मारा जाएगा।
अमेरिकी और यूरोपीय राजनेता एक बड़ी गलती करते हैं और क्षेत्र में प्रतिरोध के केंद्रों को ईरान की प्रॉक्सी ताकतें कहते हैं; प्रॉक्सी का क्या मतलब है? ईरान को डिप्टी की जरूरत नहीं है।
फ़िलिस्तीन पर क़ब्ज़े की शुरुआत से ही इस मुद्दे का विरोध करने वाले देशों में से एक यमन का शासक था। हम फ़िलिस्तीन की रक्षा करने वाले किसी भी व्यक्ति का समर्थन करते हैं। जो लोग धमकी देते हैं उन्हें पता होना चाहिए कि, हम कभी भी संघर्ष की शुरुआत नहीं करते हैं, लेकिन जो कोई बुरा करना चाहता है उसे जोरदार थप्पड़ मारा जाएगा।
उन्होंने पिछले साल की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हृए कहा, पिछले वर्ष की घटनाओं में हमने महान और बहुमूल्य ईरानी और लेबनानी हस्तियों को खो दिया गया, जो हमारे लिए एक त्रासदी थी। पिछले वर्ष हमें कड़वी प्राकृतिक आपदाएँ भी झेलनी पड़ीं; तबस में एक खदान में 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जो एक दुखद घटना है।
सही और ग़लत, सच और झूठ, हक़ और बातिल की लड़ाई में जीत तो सच की होती है, लेकिन दुश्मन के सामने हक़ की लड़ाई में क़ीमत भी चुकानी पड़ती है। इसमें संदेह न करें कि इन प्रतिरोधों का अंत दुष्ट और भ्रष्ट इज़रायली शासन की हार के साथ होगा।
दुश्मन की धमकी के बावजूद शहीी हसन नसरुल्लाह की की नमाज़े जनाज़ा में लोगों की मौजूदगी ने दुनिया को हैरान कर दिया। आज क्रूर ज़ायोनी शासन की दुष्टता ने कई गैर-मुस्लिम देशों के दिलों को ठेस पहुंचाई है।
सुप्रीम लीडर ने ईराान के पूर्व राष्ट्रपति शहीद इब्राहिम रईसी की शहादत का उल्लेख करते हुए कहा, बहुत से राष्ट्र अपने राष्ट्रपति की शहादत जैसी घटनाओं के सामने कमर झुका लेते हैं, लेकिन हमारे राष्ट्र ने अपने प्रिय राष्ट्रपति के अंतिम संस्कार में बहुत बड़ा प्रदर्शन किया।
ईरान के लोग नौरोज़ को आध्यात्मिक अवकाश मानते हैं। प्रार्थना व्यक्तिगत जीवन एवं महान कार्यों में काम आती है। इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने इस बात पर जोर दिया कि ईरानी राष्ट्र की आध्यात्मिक शक्ति और साहस पिछले साल की दुखद घटनाओं में प्रकट हुआ था।
उन्होंने अमेरिका को चेताानी देते हुए कहा कि, वे ईरान के खिलाफ धमकियों से कभी भी कहीं नहीं पहुंचेंगे।